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दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने की तैयारी तेज, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आईसीसीसी का किया निरीक्षण

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने और प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
 

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने और प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने प्रदूषण की निगरानी, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और वायु गुणवत्ता से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी दी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ पांच सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशनों की शुरुआत की। इसके अलावा, 13 नए कंटीन्यूअस एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों का उद्घाटन भी किया गया। सरकार का उद्देश्य प्रदूषण की निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और वायु गुणवत्ता से जुड़े आंकड़ों की सटीकता बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के सहयोग से दिल्ली सरकार प्रदूषण के खिलाफ लगातार काम कर रही है। केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में दिल्ली अब इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि यह दिल्ली के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से प्रदूषण से संबंधित परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और आवश्यक कदम उठाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों में एक अहम उपलब्धि बताया।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की एक बैठक में दिल्ली सरकार की ओर से इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का प्रस्ताव रखा गया था। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को निर्धारित समय-सीमा से पहले इस केंद्र को शुरू करने के लिए बधाई दी।

यादव ने कहा कि दिल्ली और पूरे एनसीआर में प्रदूषण से निपटने के लिए सबसे पहली आवश्यकता वायु गुणवत्ता सूचकांक की सटीक जानकारी हासिल करना है। इसके लिए एनसीआर के अधिकारियों को पांच किलोमीटर के अंतराल पर वायु गुणवत्ता सूचकांक मॉनिटरिंग उपकरण लगाने के निर्देश दिए गए थे, ताकि वायु गुणवत्ता की अधिक सटीक जानकारी मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के संकट से निपटने के लिए सभी लोगों को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। सरकार ने इस दिशा में अभियान शुरू किया है और नागरिकों से सहयोग की अपील की है।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि निर्वाचन आयोग व्यापक दिशानिर्देशों के तहत इसे संचालित करता है।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची से गलत नाम हटाने की मांग की थी, लेकिन अब सूची में सुधार की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताना उचित नहीं है।

केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने दिल्ली की जनता को ऐसी सरकार चुनने के लिए धन्यवाद दिया, जो उनके अनुसार, पहले दिन से ही राजधानी के विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें प्रदूषण के मुद्दे पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश पर आरोप लगाती रही थीं।

मल्होत्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार ने जलभराव और प्रदूषण जैसी समस्याओं पर काम शुरू किया है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का संचालन इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

--आईएएनएस

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