दिल्ली का आंदोलन संविधान विरोधी और देशविरोधी था: अतुल लिमये
संभाजीनगर, 2 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह-सरकार्यवाह अतुल लिमये ने रविवार को महाराष्ट्र के संभाजीनगर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों द्वारा किया गया आंदोलन संविधान विरोधी और देशविरोधी था।
उन्होंने यह भी कहा कि इस आंदोलन का गंभीरता से अध्ययन किया जाना चाहिए, ताकि यह समझा जा सके कि ऐसी घटनाओं के पीछे क्या सोच और उद्देश्य थे।
उन्होंने कहा कि अगर अपने को विकसित देश बनाना है तो हमें इस युवा शक्ति का एक बड़ा योगदान चाहिए, लेकिन यह युवा शक्ति कैसी चाहिए? कौन से संस्कार चाहिए? कौन से सपने चाहिए? कौन से गीत चाहिए उनके होठों पर? यह मात्र हमें बहुत ही सावधानीपूर्वक और गहराई से तय करना चाहिए, और उसके लिए जो कुछ हमें – यानी इस आंदोलन को – सिर्फ राजनीतिक नजरिए से मत देखिए।
उन्होंने कहा कि केवल भाजपा विरोधी इस दृष्टिकोण से इसे मत देखिए। यह आंदोलन अगेंस्ट द कॉन्स्टिट्यूशन (संविधान के विरुद्ध) संविधान के विरोध में एक हथियार के रूप में उपयोग किया गया आंदोलन है, इस अर्थ से इसे देखिए। अगेंस्ट द नेशन (राष्ट्र के खिलाफ) भारत के विरोध में एक आंदोलन – इस अर्थ से खड़ा किया गया आंदोलन है, इस अर्थ से इस शक्ति की तरफ हमें ठीक से देखना चाहिए।
अतुल लिमये ने कहा कि शुरुआती दौर में छात्रों का आंदोलन नीट-यूजी 2026 पेपर लीक जैसे शिक्षा से जुड़े मुद्दे पर स्वाभाविक था, लेकिन बाद में यह अपने मूल उद्देश्य से भटक गया।
उन्होंने कहा कि छात्र शिक्षा प्रणाली में सुधार चाहते थे, लेकिन कुछ समय बाद आंदोलन ऐसे लोगों के हाथों में चला गया, जिसने इसकी दिशा ही बदल दी। उनके मुताबिक, छात्रों की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण के कार्यों में लगाना जरूरी है और इस दिशा में एबीवीपी को नेतृत्व करना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) आंदोलन को केवल एक विरोध प्रदर्शन के रूप में देखना गलत होगा, बल्कि इसकी पूरी प्रक्रिया का अध्ययन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सवालों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है कि आंदोलन की शुरुआत कैसे हुई? इसकी कार्यप्रणाली क्या थी? किन संगठनों और समूहों का समर्थन मिला? इसके पीछे वैचारिक आधार क्या था? और आंदोलन अचानक इतने व्यापक स्तर पर कैसे पहुंच गया?
--आईएएनएस
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