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'सर्दी में चाय पीएंगे, पिकनिक मनाएंगे, फिर बिखर जाएंगे', दिलीप घोष का इंडिया ब्लॉक पर तंज

न्यू टाउन, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वह गैर-मुद्दों को मुद्दा बनाकर देश में व्यवधान पैदा करने और लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
 

न्यू टाउन, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वह गैर-मुद्दों को मुद्दा बनाकर देश में व्यवधान पैदा करने और लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।

न्यू टाउन में मीडिया से बात करते हुए दिलीप घोष ने कहा, "चुनाव अब नजदीक आ रहे हैं। इंडिया ब्लॉक के पास कोई मुद्दा नहीं है। जबकि भारतीय जनता पार्टी (चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकारें) इस तरह से काम कर रही है जिससे जनता खुश है। विपक्षी नेताओं को कोई जगह नहीं मिल रही है, इसलिए वे देश में व्यवधान पैदा करने और चुनाव से पहले लोगों को गुमराह करने के लिए गैर-मुद्दों से मुद्दे बना रहे हैं।"

बता दें कि पश्चिम बंगाल में वर्तमान में 2 विधानसभा सीटों, नंदीग्राम और रेजीनगर पर उपचुनाव हो रहा है, जिसके लिए मतदान 6 अक्टूबर को निर्धारित है। इसी चुनावी माहौल के बीच भाजपा नेता का बयान आया है।

इंडिया ब्लॉक पर तंज कसते हुए दिलीप घोष ने कहा, "हम हर चुनाव से पहले इंडी गठबंधन का यह ड्रामा देखते हैं। अब सर्दी आ रही है, वे कभी-कभी मिलेंगे, चाय पीएंगे और पिकनिक पर जाएंगे। यह गठबंधन एक पिकनिक पार्टी है और चुनाव खत्म होते ही गठबंधन खत्म हो जाता है।"

उन्होंने कहा, "इंडी गठबंधन का नेता कौन है? वे एक-दूसरे को पहचानते तक नहीं हैं। अपने ही राज्यों में पार्टियां खुद को दूर कर लेती हैं और चुनाव आते ही कहती हैं कि वे गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। यह ड्रामा चुनाव तक चलता रहेगा और उसके बाद सब फिर से बिखर जाएंगे। उनमें से किसी में भी भाजपा से लड़ने और उसे हराने की हिम्मत नहीं है।"

30 सितंबर को नई दिल्ली में विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी, जिसमें मुख्य रूप से चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध रणनीति पर चर्चा हुई।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई इस 3 घंटे की बैठक में 20 विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए, जिनमें राहुल गांधी, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी, उमर अब्दुल्ला और सुप्रिया सुले प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इसी बैठक के बाद से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।

--आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम