दिलीप घोष ने टीएमसी नेता की पुलिस कस्टडी में मौत पर कहा- 'होनी चाहिए जांच', अभिषेक बनर्जी पर भी साधा निशाना
कोलकाता, 9 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने टीएमसी नेता की पुलिस कस्टडी में मौत के मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस कस्टडी में किसी की मौत होती है, तो यह गलत है। साथ ही, दिलीप घोष ने अभिषेक बनर्जी की सुप्रीम कोर्ट में याचिका और उनके पीए से सीआईडी की पूछताछ को लेकर भी निशाना साधा।
पुलिस कस्टडी में टीएमसी नेता की मौत पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "अगर पुलिस कस्टडी में किसी की मौत होती है, तो यह गलत है और ऐसे मामले में एफआईआर भी दर्ज होनी चाहिए।"
उन्होंने यह भी कहा कि अगर टीएमसी नेता लोगों को पीट-पीटकर मार डालते हैं और फिर इसका दोष पुलिस या दूसरों पर मढ़ते हैं, तो यह सही नहीं है। ऐसे मामले में निश्चित रूप से एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और जांच की जानी चाहिए।
विदेश जाने के लिए अभिषेक बनर्जी की सुप्रीम कोर्ट में अपील पर उन्होंने कहा कि अगर किसी डॉक्टर ने सही में यह सलाह दी है कि अभिषेक बनर्जी को आंख के ऑपरेशन के लिए विदेश जाना चाहिए और ऐसी सुविधा भारत में उपलब्ध नहीं है, तो उन्हें जरूर जाना चाहिए। लेकिन जब उनके खिलाफ कोई शिकायत हो, तो कोर्ट फैसला लेने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करेगा। अगर कोर्ट इजाजत देता है, तो वे जरूर जाएंगे।
अभिषेक बनर्जी के सहयोगी सुमित रॉय से सीआईडी की पूछताछ पर दिलीप घोष ने कहा, "अभिषेक बनर्जी के पीए के खिलाफ कई शिकायतें हैं। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है, इसीलिए उन्हें समन भेजा गया और पूछताछ शुरू हो गई है। वह काफी समय तक टालने के बाद आए। अभी भी वह पार्टी की गाड़ी में आ-जा रहे हैं। जब जांच पूरी हो जाएगी, तो नतीजे सामने आ जाएंगे।"
मंत्री दिलीप घोष ने महुआ मोइत्रा की ओर से याचिका वापस लिए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "यह बिल्कुल सही है। लोकतंत्र में लोगों को निश्चित रूप से बोलने और सवाल पूछने का अधिकार है, लेकिन समाज और देश के प्रति उनकी जिम्मेदारी भी है। यह सिर्फ अधिकारों का इस्तेमाल करने की बात नहीं है। कुछ लोगों को सिखाया जा रहा है कि वे कुछ भी कर सकते हैं। देश के खिलाफ बोल और लिख सकते हैं। लेकिन ऐसा नहीं चलेगा। सुप्रीम कोर्ट के पास हर बात के लिए चला जाना भी सही नहीं है।"
अलीगढ़ का नाम बदलने की प्रक्रिया पर घोष ने कहा, "देखिए, देशभर में पहले ही कई नाम बदले जा चुके हैं और आगे भी और बदलाव होने की संभावना है। मुगल और ब्रिटिश काल के दौरान हमारी संस्कृति और विरासत में बदलाव के तहत कई नाम बदले गए थे। इन जगहों के नाम ऐसे होने चाहिए जो हमारी संस्कृति को दर्शाते हों। स्थानीय नगरपालिका और जिला परिषद लोगों की इच्छा के आधार पर फैसला करेंगे।"
रूसी तेल पर अमेरिकी टैरिफ की धमकियों को लेकर उन्होंने कहा, "भारत रूस से तेल खरीदेगा, तो इसमें ट्रंप का क्या लेना-देना है? कभी वे कुछ कहते हैं और फिर अपनी बात से पीछे हट जाते हैं। उन्हें इस मामले में अधिक दखल नहीं देना चाहिए। यह दो देशों के बीच का व्यापारिक लेन-देन है। यूरोपीय देश भी रूस से तेल खरीदते हैं, फिर भी उस पर कुछ नहीं कहा जाता। ऐसे मामलों को देखने के लिए हमारे पास विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री हैं।"
--आईएएनएस
डीसीएच/
