दिल दे रहा खतरे के संकेत, इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत पर ध्यान ही नहीं दे पाते। खासतौर पर दिल से जुड़ी समस्याओं को सामान्य थकान या कमजोरी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसी आदत शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
मेडिकल साइंस के अनुसार, दिल पूरे शरीर को ऑक्सीजन और जरूरी पोषण पहुंचाने का काम करता है। जब दिल ठीक तरह से काम नहीं करता, तो शरीर कई छोटे-छोटे संकेत देने लगता है। अगर इन संकेतों को समय रहते समझ लिया जाए तो गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को मामूली काम करते समय भी सांस फूलने लगे, तो यह दिल पर बढ़ते दबाव का संकेत हो सकता है। कई बार लोग सीढ़ियां चढ़ते समय या थोड़ा तेज चलने पर सांस चढ़ने को उम्र या कमजोरी का असर मान लेते हैं। लेकिन, ऐसा नहीं है। जब दिल शरीर तक पर्याप्त मात्रा में खून और ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पाता, तब फेफड़ों पर असर पड़ता है और सांस लेने में परेशानी होने लगती है।
अगर यह समस्या बार-बार हो रही हो, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है। नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रित रखना और धूम्रपान से दूरी दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।
शरीर के निचले हिस्से, खासकर पैरों और टखनों में सूजन भी दिल की कमजोरी का संकेत हो सकती है। डॉक्टर बताते हैं कि जब दिल सही तरीके से खून पंप नहीं कर पाता, तब शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगते हैं। इसका असर पैरों में सूजन के रूप में दिखाई दे सकता है। कई लोग इसे लंबे समय तक खड़े रहने या थकान का असर समझ लेते हैं, लेकिन लगातार सूजन बने रहना चिंता का विषय हो सकता है। ऐसे में नमक का सेवन कम करना, शरीर को सक्रिय रखना और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी माना जाता है।
सीने में दबाव, जलन या भारीपन महसूस होना भी दिल से जुड़ी समस्या का बड़ा संकेत माना जाता है। मेडिकल रिसर्च के अनुसार, जब दिल तक खून पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट आने लगती है, तब सीने में दर्द या दबाव महसूस हो सकता है। यह दर्द कभी-कभी कंधों, हाथों, गर्दन या पीठ तक भी फैल सकता है। कई लोग इसे गैस या सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह हार्ट अटैक का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।
अगर किसी व्यक्ति को बार-बार चक्कर आने लगें या अचानक कमजोरी महसूस हो, तो इसे भी सामान्य समस्या मानकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। अगर दिल कमजोर होने लगे, तो शरीर को ऊर्जा सही मात्रा में नहीं मिल पाती। इसका असर लगातार थकान, कमजोरी और सुस्ती के रूप में दिखाई देता है। अगर आराम करने के बाद भी थकान दूर न हो, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
--आईएएनएस
पीके/एबीएम
