दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा उज्जैन से अयोध्या के लिए रवाना
उज्जैन, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन यात्रा का दशहरे के दिन मंगलवार को उज्जैन से आगाज हो गया। यह यात्रा अयोध्या तक की है।
भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और साधु-संतों के जयघोष के बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का भव्य आगाज हुआ। इस यात्रा में देशभर से आए सैकड़ों साधु-संत शामिल हुए। यात्रा में सबसे आगे साधु-संतों का जत्था चल रहा है। उज्जैन से शुरू हुई यह पदयात्रा करीब 930 किलोमीटर का सफर तय कर अयोध्या में भगवान श्रीराम के धाम पहुंचेगी।
यात्रा के शुभारंभ से पहले दिग्विजय सिंह ने चिंतामन गणेश मंदिर पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन किए। इसके बाद महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया और हरसिद्धि मंदिर में पूजा-अर्चना की। नृसिंह घाट के समीप बालाजी गार्डन में यात्रा के शुभारंभ से पहले पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं पूजन अनुष्ठान आयोजित किया गया। इसके बाद भजन और आरती के आयोजन ने पूरे परिसर को भक्तिमय कर दिया।
साधु-संतों ने सहभागिता की और जयघोष के बीच आयोजन में आध्यात्मिक उल्लास का माहौल बना रहा। यात्रा शुरू होने से पहले ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने पत्र जारी कर अपना समर्थन और आशीर्वाद दिया। अग्निपीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि रामकृष्णानंद ने भी यात्रा का समर्थन किया है।
अयोध्या के संत और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे संतोष दुबे ने भी इस पहल के प्रति समर्थन जताया है। दिग्विजय सिंह ने इस यात्रा के माध्यम से सनातन धर्म के मूल्यों, सत्य और पारदर्शिता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया है। यात्रा के प्रमुख मुद्दों में धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे और दान की व्यवस्था में पारदर्शिता, चंदा चोरी के मामलों की निष्पक्ष जांच और वोट चोरी के मुद्दे पर जनजागरण शामिल हैं।
उज्जैन से अयोध्या तक का यह सफर धार्मिक आस्था के साथ सत्य, न्याय और जवाबदेही के सवालों को भी समाज के बीच ले जाने की पहल बताया है।
--आईएएनएस
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