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डिजिटल लाइब्रेरी से ज्ञान, जियो-टैगिंग से पेयजल निगरानी; गांवों के कायाकल्प पर राजभर का जोर

लखनऊ, 8 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों में डिजिटल सुविधाओं, स्वच्छता अभियान और सुरक्षित पेयजल व्यवस्था को नई गति देने की तैयारी तेज कर दी है। पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोमवार को विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण विकास से जुड़ी सभी परियोजनाओं का समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
 
डिजिटल लाइब्रेरी से ज्ञान, जियो-टैगिंग से पेयजल निगरानी; गांवों के कायाकल्प पर राजभर का जोर

लखनऊ, 8 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों में डिजिटल सुविधाओं, स्वच्छता अभियान और सुरक्षित पेयजल व्यवस्था को नई गति देने की तैयारी तेज कर दी है। पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोमवार को विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण विकास से जुड़ी सभी परियोजनाओं का समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि गांवों को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल लाइब्रेरी, स्वच्छता प्रबंधन और पेयजल निगरानी व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने ग्राम पंचायतों में स्थापित की जा रही डिजिटल लाइब्रेरी (बाल एवं किशोर पुस्तकालय) योजना की प्रगति का आकलन किया।

उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में ग्रामीण बच्चों और युवाओं को आधुनिक शैक्षिक संसाधनों से जोड़ना समय की मांग है। डिजिटल लाइब्रेरी विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं, तकनीकी शिक्षा और डिजिटल ज्ञान तक पहुंच सुनिश्चित करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन ग्राम पंचायतों में यह सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है, वहां शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर स्थापना की प्रक्रिया पूरी की जाए।

बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत संचालित कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। राजभर ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी का व्यापक अभियान है। उन्होंने सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों को और प्रभावी बनाने तथा ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन और फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) से जुड़े कार्यों में तेजी लाने को कहा। गंगा एक्शन प्लान की समीक्षा के दौरान मंत्री ने गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे स्थित ग्राम पंचायतों में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जल स्रोतों को प्रदूषणमुक्त बनाए रखने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने में पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैठक का प्रमुख विषय प्रदेश में स्थापित लगभग 28.60 लाख हैंडपंपों की जियो-टैगिंग और मानकीकरण व्यवस्था भी रहा। मंत्री ने कहा कि सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी हैंडपंपों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए, जिससे उनकी स्थिति, संचालन क्षमता और जल गुणवत्ता की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध हो सके। साथ ही पेयजल स्रोतों की नियमित जांच, रंग-कोडिंग व्यवस्था और जल गुणवत्ता निगरानी तंत्र को और सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया।

राजभर ने कहा कि जियो-टैगिंग व्यवस्था के जरिए खराब और निष्क्रिय हैंडपंपों की त्वरित पहचान संभव होगी, जिससे मरम्मत और रखरखाव कार्यों में पारदर्शिता आएगी तथा ग्रामीणों को बेहतर पेयजल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

उन्होंने अधिकारियों को विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीक का अधिकतम उपयोग करने और सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसके लिए जिला तथा विकास खंड स्तर पर जवाबदेही तय की जाए।

पंचायतीराज मंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं। इन्हें सशक्त बनाकर ही आत्मनिर्भर और विकसित गांवों का सपना साकार किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।

--आईएएनएस

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