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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भाजपा का समर्थन, बोले-ईमानदारी और जवाबदेही की मिसाल

नई दिल्ली, 25 जुलाई (आईएएनएस)। जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनके सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा को दर्शाता है।
 

नई दिल्ली, 25 जुलाई (आईएएनएस)। जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनके सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा को दर्शाता है।

नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान ने भारत के शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाने और ऐतिहासिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति व अन्य पहलों को सफलतापूर्वक लागू करने में अहम भूमिका निभाई है। व्यापक हितों को प्राथमिकता देते हुए उनका पद छोड़ने का निर्णय सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा के उच्चतम मानदंडों को दर्शाता है। पार्टी इस निर्णय में धर्मेंद्र प्रधान के साथ मजबूती से खड़ी है।"

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर पोस्ट किया कि धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में भारत की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा, नई सोच और नई गति प्रदान की। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी 2020) के प्रभावी क्रियान्वयन सहित उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने करोड़ों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी। राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए उनका पद छोड़ने का निर्णय सार्वजनिक जीवन में नैतिकता, जवाबदेही और निस्वार्थ सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण है। आपके अनुभव, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा का यह सफर निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे, यही शुभकामना है।

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने सार्वजनिक जीवन में हर दायित्व को निष्ठा, ईमानदारी, और पूर्ण समर्पण के साथ निभाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में, उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को प्रभावी रूप से लागू करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया और शिक्षा व्यवस्था में अनेक सार्थक सुधारों को आगे बढ़ाया। भारतीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा मिला, तकनीकी और उच्च शिक्षा का विस्तार हुआ, तथा विद्यार्थियों के लिए नए अवसर उपलब्ध हुए। राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए, उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र दिया है। यह निर्णय सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों, मर्यादा, और सिद्धांतों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राष्ट्रसेवा के उनके सतत प्रयास निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करें।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी