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डीजीसीए ने एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस के लिए ईपीएल सेवा शुरू की

नई दिल्ली, 21 जनवरी (आईएएनएस)। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बुधवार को डीजीसीए मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (एटीपीएल) के लिए इलेक्ट्रॉनिक कार्मिक लाइसेंस (ईपीएल) सेवाओं का शुभारंभ किया।
 
डीजीसीए ने एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस के लिए ईपीएल सेवा शुरू की

नई दिल्ली, 21 जनवरी (आईएएनएस)। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बुधवार को डीजीसीए मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (एटीपीएल) के लिए इलेक्ट्रॉनिक कार्मिक लाइसेंस (ईपीएल) सेवाओं का शुभारंभ किया।

डीजीसीए की ओर से ईपीएल एटीपीएल सेवा के उद्घाटन को डिजिटल परिवर्तन की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक कार्मिक लाइसेंस एक सुरक्षित डिजिटल लाइसेंस है जिसमें प्रामाणिकता सुनिश्चित करने, गड़बड़ी रोकने और त्वरित समय पर सत्यापन सक्षम करने के लिए आईसीएओ के अनुरूप सुरक्षा सुविधाएं शामिल हैं। ईपीएल को ईजीसीए मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए प्राप्त किया जा सकता है।

डीजीसीए ने फरवरी 2025 में वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस (सीपीएल) और फ्लाइट रेडियो टेलीफोन ऑपरेटर (प्रतिबंधित) लाइसेंस (एफआरटीओएल) को शुरू करने के साथ ईपीएल की शुरुआत की थी। एटीपीएल के लिए ईपीएल सेवाओं के शुभारंभ के साथ, डीजीसीए विमानन क्षेत्र के लिए दक्षता, पारदर्शिता और सुधरी हुई सेवाओं के वितरण को बेहतर करने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।

इससे पहले, डीजीसीए ने एयरलाइन इंडिगो पर दिसंबर 2025 में बड़े पैमाने पर हुई उड़ान विघटन की घटनाओं के लिए 22.20 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था।

नियामक के अनुसार, इंडिगो ने 3 से 5 दिसंबर के बीच 2,507 उड़ानें रद्द कीं और 1,852 उड़ानों में देरी हुई, जिससे देश भर के हवाई अड्डों पर तीन लाख से अधिक यात्री फंस गए।

यह अव्यवस्था व्यापक असुविधा पैदा करने के साथ ही एयरलाइन की संचालन क्षमता और तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

डीजीसीए द्वारा लगाए गए कुल जुर्माने में 1.80 करोड़ रुपए का एकमुश्त दंड शामिल है, जो नागरिक उड्डयन नियमों के कई उल्लंघनों के लिए है।

इसके अलावा, डीजीसीए ने 68 दिनों तक संशोधित फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन नियमों का पालन नहीं करने के लिए रोजाना 30 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। इससे 20.40 करोड़ रुपए का अतिरिक्त दंड जुड़ गया, और कुल जुर्माना 22.20 करोड़ रुपए हो गया।

--आईएएनएस

एबीएस/