देवास में जहरीली शराब पीने से 13 मौतें, बड़े 'मगरमच्छों' पर कारवाई कब : अरुण यादव
भोपाल, 24 अक्टूबर (आईएएनएस ) मध्य प्रदेश के देवास जिले में 20 दिनों में हुई 13 मौतों को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने राज्य की मोहन यादव सरकार पर हमला बोला है। उनका आरोप है कि यह मौतें जहरीली शराब से हुई है और सवाल उठता है कि राज्य में बड़े मगरमच्छों पर कारवाई कब होगी। वहीं प्रशासन आरोप को नकार रहा है।
दरअसल, देवास जिले के चंदाना गांव और बिंजाना गांव में 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच 13 लोगों की मौत हुई है । परिजनों का आरोप है कि शराब पीने के बाद उल्टी हुई, चक्कर आए और आंखों की रोशनी कम हो गई। बाद में मौत हो गई। प्रशासन इन आरोपों को नकारते हुए मौत के कारण अलग-अलग बता रहा है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अरुण यादव ने देवास की घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि बड़े मगरमच्छों पर कब होगी कार्यवाही? मध्यप्रदेश में जहरीली शराब से गरीबों की मौत का सिलसिला कब रुकेगा? उन्होंने आगे कहा है कि सागर के बाद देवास में 13 मौतें, शराब पीकर पहले आंखों की रोशनी गई, फिर जिंदगी । सवाल सीधा है यह सरकार शराब माफिया चला रहे हैं या सरकार ही शराब माफिया के इशारे पर चल रही है? हर मौत के बाद सरकार की खामोशी क्यों ?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते 20 दिनों मे चंदाना गांव में नौ और बिंजाना गांव चार लोगों की मौत हुई है। पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों का आरोप है जिन लोगों की मौत हुई, उन लोगों ने शराब पी थी और उसके बाद ही उनकी मौत हुई है।
इसके अलावा यह भी बताया गया है कि मौत का शिकार हुए अधिकांश लोग मजदूर वर्ग के हैं और शराब पीते थे । राज्य मे इससे पहले सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब पीने से 20 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। अब देवास जिले में भी इसी तरह की बात सामने आ रही है और कांग्रेस इसको लेकर हमलावर हो गई है।
--आईएएनएस
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