देश में मुसलमान होना एक जुर्म बन गया है: वारिस पठान
मुंबई, 18 मार्च (आईएएनएस)। वाराणसी में एक नाव पर इफ्तार पार्टी के दौरान नदी में नॉन-वेज खाना फेंकने के आरोप में 14 युवकों की गिरफ्तारी पर एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अब तो ऐसा लगता है कि इस देश में मुसलमान होना ही जुर्म बन गया है।
मुंबई में एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि पिछले 20-25 दिनों से जब से रमजान शुरू हुआ है, मुसलमानों पर बार-बार हमले हो रहे हैं। उन्हें परेशान किया जा रहा है, जेलों में डाला जा रहा है और पीटा जा रहा है। जरा देखिए क्या हो रहा है, आपने 14 लोगों के खिलाफ सिर्फ इसलिए एफआईआर दर्ज कर दी क्योंकि वे बैठकर अपना रोजा खोल रहे थे (इफ्तार कर रहे थे)। आप आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने नदी में चिकन के टुकड़े फेंके, क्या आपके पास इसका वीडियो है? कौन से कानून के प्रावधान के तहत एफआईआर दर्ज की गई है? वहां पर लोग जब शराब पीते हैं तो कोई कार्रवाई नहीं होती है। जहां पर कुछ लोगों ने इफ्तार पार्टी कर ली तो आप जेल में डालेंगे।
उत्तम नगर में मुसलमानों के खिलाफ कैसी भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। प्रशासन खामोश होकर तमाशा देख रहा है। अगर कोई मुसलमान कुछ कहे तो उस पर कार्रवाई की जाती है।
वारिस पठान ने धर्मांतरण विरोधी कानून बिल पर कहा कि यह धर्मांतरण विरोधी कानून अनुच्छेद 25 के तहत हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने की अनुमति देता है। मैंने पहले भी इस बात का जिक्र किया है। इस कानून के बिना अगर कोई व्यक्ति कोई वीडियो देखता है, कुछ सुनता है, या इंटरनेट पर कुछ देखता है और उसे लगता है कि वह खुद को बदलना चाहता है, तो उसे कौन रोक सकता है? इस देश में हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है। अगर वह धर्म बदलता है, तो क्या आप उसे जेल में डाल देंगे?
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मुसलमानों को बदनाम करने के लिए लाया गया है। इस पर काफी बहस कर चुके हैं। पहले कई बार बोल चुके हैं।
अभिनेत्री सारा अली खान से बद्रीनाथ और केदारनाथ में पूजा-अर्चना करने की इच्छा होने पर एक हलफनामा जमा करने के लिए कहे जाने के मामले पर वारिस पठान ने कहा कि ये उनके निजी मामले हैं। अगर वे जाना चाहती हैं तो उन्हें एक हलफनामा देना होगा। आप क्यों जाना चाहती हैं? क्या आप मुस्लिम हैं या नहीं? पहले यह जानकारी दें। अगर आप जाना चाहती हैं तो हलफनामा दें। हर निर्देश का पालन किया जाना चाहिए और काम ठीक से किया जाना चाहिए।
--आईएएनएस
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