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मेरे लिए जनता-जनार्दन ही ईश्वर और सेवा कार्य ही साधना का रूप : पीएम मोदी

नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज का दिन आप सभी ने मेरे लिए बहुत यादगार बना दिया। मैं अभिभूत हूं, कृतज्ञ हूं।
 
मेरे लिए जनता-जनार्दन ही ईश्वर और सेवा कार्य ही साधना का रूप : पीएम मोदी

नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज का दिन आप सभी ने मेरे लिए बहुत यादगार बना दिया। मैं अभिभूत हूं, कृतज्ञ हूं।

उन्होंने कहा कि 'चरैवेति-चरैवेति' के मंत्र का जाप करते हुए, इस राजनीतिक यात्रा में अनेक उतार-चढ़ाव देखते हुए, एक दिन यह पड़ाव भी आएगा, यह मैंने कभी सोचा नहीं था। निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में निरंतर सबसे लंबी अवधि तक सेवा करने का अवसर मिलना, इसे मैं अपना परम सौभाग्य मानता हूं। आपने इस अवसर पर मुझे सम्मानित किया, इतना मान दिया, इसके लिए मैं आप सभी का हृदय से बहुत-बहुत आभारी हूं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इतने लंबे समय तक मां भारती की सेवा का सौभाग्य मिलना, यह ईश्वर की विशेष कृपा से ही संभव हो सकता है। मेरे लिए तो जनता-जनार्दन ही ईश्वर का रूप है। इसलिए मैंने सेवा कार्य को एक साधना के रूप में देखा है। यह साधना भी एकाकी नहीं रही, यह एक सामूहिक यज्ञ है, जिसमें आप सभी साथियों ने अपना योगदान दिया है। मैं आज इस यात्रा के सभी साथियों के प्रति आभार प्रकट करता हूं।

उन्होंने कहा कि इस अवसर पर एनडीए परिवार के सदस्यों ने एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। मैं इसे अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि आपकी उदारता और हमारे सामूहिक प्रयासों का प्रमाण मानता हूं। हर दृष्टि से, यह उपलब्धि हम सभी की है, यह एनडीए के प्रत्येक सदस्य की समान रूप से उपलब्धि है। इसलिए, मैं इस प्रस्ताव को एनडीए के सभी सदस्यों को समर्पित करता हूं।

उन्होंने कहा कि 2014 में जब एनडीए विजयी हुआ, तब मैंने कहा था कि इससे हमारे देश की जनता में नई उम्मीद जगी है। इस उम्मीद की रक्षा करना हम सभी की बड़ी जिम्मेदारी बन गई। कांग्रेस से धोखा खाने के बाद जनता ने हम पर भरोसा जताया। मुझे गर्व और संतोष है कि एनडीए परिवार के सदस्य के रूप में हमने राष्ट्र के भरोसे को मजबूत करने और उसे कायम रखने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। 2014 में जब एनडीए की जीत हुई थी, तब मैंने कहा था कि आज देश के सामान्य मानवी में एक आशा का उदय हुआ है। इस आशा का, इस उम्मीद का संरक्षण हम सभी का दायित्व था। देश के लोगों ने कांग्रेस के विश्वासघात के बाद अपना भरोसा हमें सौंपा था। आज मुझे संतोष है, गर्व है कि एनडीए परिवार के तौर पर हमने देश के विश्वास को हमेशा और मजबूत किया है।

उन्होंने कहा कि विकास तो दूर की बात है, देश को कांग्रेस ने एक के बाद एक हजारों करोड़ों रुपए के घोटालों में घसीट दिया। देश का भाग्य फिर तब बदला जब 2014 में एनडीए की सरकार बनी। देश ने देखा कि जब नीयत, नीति और निर्णय तीनों एक साथ काम करते हैं तो विकास की गति कैसी होती है।

--आईएएनएस

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