'देर आए दुरुस्त आए'; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले मुरली मनोहर जोशी
नई दिल्ली, 25 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी हस्तियों ने प्रतिक्रियाएं दीं। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बयान दिया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देर से सही, लेकिन एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस संबंध में जल्द उचित निर्णय लेंगे। साथ ही उन्होंने छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन समाप्त करने के लिए बधाई दी।
जोशी ने अपने संदेश में कहा, "देर आए दुरुस्त आए। धर्मेंद्र प्रधान ने त्यागपत्र दे दिया है। आशा करता हूं कि प्रधानमंत्री भी इस पर शीघ्र ही समयोचित निर्णय लेंगे। उन सभी छात्रों को बधाई देता हूं कि उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्वक समाप्त कर दिया। मैं आशा करता हूं कि अब भारतीय शिक्षा जगत में शीघ्र शांति स्थापित होगी और छात्रों को अपने उज्ज्वल भविष्य तथा प्रगति के लिए व्यापक अवसर प्राप्त होंगे।"
वहीं, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधान के कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) सहित कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए गए, जिनसे देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य को नई दिशा मिली।
मुख्यमंत्री माझी ने अपने संदेश में लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनके उच्च नैतिक मूल्यों और सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा, "केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान ने ऐतिहासिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) समेत कई बड़े और अहम सुधार किए, जिससे देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य की मजबूत नींव पड़ी। ऊंचे नैतिक मूल्यों को सबसे ऊपर रखते हुए उनका इस्तीफा देने का फैसला उनके मजबूत सिद्धांतों और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण को दिखाता है।"
मोहन चरण माझी ने धर्मेंद्र प्रधान के भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कामना की कि भगवान जगन्नाथ की कृपा उनके आगामी सार्वजनिक जीवन और नई जिम्मेदारियों पर बनी रहे।
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