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डेनमार्क के क्लब से बॉलीवुड तक, बॉम्बे रॉकर्स के 'आरी आरी' के रीमेक के पीछे की कहानी

मुंबई, 21 मार्च (आईएएनएस)। पुराने समय के गाने आज भी लोगों के दिलों में खास जगह रखते हैं। यूजर्स आज भी इन्हें उतने ही प्यार से सुनते हैं। साथ ही, इन गानों के रीमिक्स वर्जन भी बनाए जाते हैं, जो तेजी से ट्रेंड सेट करने लगते हैं। ऐसा ही हालिया रिलीज फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' का एक गाना 'आरी आरी' इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी ट्रेंड कर रहा है।
 
डेनमार्क के क्लब से बॉलीवुड तक, बॉम्बे रॉकर्स के 'आरी आरी' के रीमेक के पीछे की कहानी

मुंबई, 21 मार्च (आईएएनएस)। पुराने समय के गाने आज भी लोगों के दिलों में खास जगह रखते हैं। यूजर्स आज भी इन्हें उतने ही प्यार से सुनते हैं। साथ ही, इन गानों के रीमिक्स वर्जन भी बनाए जाते हैं, जो तेजी से ट्रेंड सेट करने लगते हैं। ऐसा ही हालिया रिलीज फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' का एक गाना 'आरी आरी' इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी ट्रेंड कर रहा है।

हालांकि, इस बात से बहुत कम लोग वाकिफ होंगे कि यह एक पुराना गाना है। हम आपको सॉन्ग 'आरी आरी' के पीछे के इतिहास और 'धुरंधर' में इसको फिर से रिकॉर्ड करने के पीछे की दिलचस्प कहानी बताएंगे।

दरअसल, यह गाना सबसे पहले डेनमार्क में बने इंडो-डेनिश पॉप बैंड 'बॉम्बे रॉकर्स' ने गाया था। यह बैंड साल 2003 में शुरू हुआ था और पंजाबी लोक संगीत को वेस्टर्न पॉप और हिप-हॉप के साथ मिलाकर अनोखे गाने बनाता था। बैंड के मुख्य सदस्य नवतेज सिंह रहेल, जिन्हें नाफ के नाम से जाना जाता है। उनकी मुलाकात कॉलेज के समय में प्रोड्यूसर थॉमस सार्डॉर्फ और जीनस से हुई थी। इन्होंने साथ में जैमिंग करना शुरू किया और जल्द ही बॉम्बे रॉकर्स नाम से बैंड शुरू किया।

नवतेज सिंह पहले इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन संगीत के प्रति उनका शौक इतना गहरा था कि उन्होंने इसे अपना करियर बना लिया। बैंड ने पंजाबी सॉन्ग 'मुंडिया तो बचके रही' से इंस्पायर होकर अपनी पहली एल्बम 'रॉक द पार्टी' निकाली थी। फिर 'आरी आरी' निकाला था। 'बॉम्बे रॉकर्स' ने अपने इन दोनों गानों को लेकर 2000 के दशक में वैश्विक लोकप्रियता हासिल की थी। उनके गानों ने डेनमार्क के क्लब से लेकर भारत की हर गली को दीवाना कर दिया था।

साल 2026 में रिलीज हुई फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' में यह गाना रिमिक्स करके फिल्माया गया था। इस गाने को सुधीर यदुवंशी, खान साब, जैस्मीन सैंडलास और बॉम्बे रॉकर्स (नवतेज सिंह रेहल) ने अपनी आवाज दी है, जबकि शाश्वत सचदेव ने इसे नए वर्जन में तैयार किया है। यह गाना 2000 के दशक के मशहूर बॉम्बे रॉकर्स के ओरिजिनल ट्रैक का रीमेक है। गाने के लिरिक्स इरशाद कामिल और बॉम्बे रॉकर्स ने लिखे हैं और रैप रेबेल ने किया है।

हाल ही में सिंगर सुधीर यदुवंशी ने बताया कि गाने का पहला कट 15 मिनट में रिकॉर्ड हो गया था। दरअसल, सिंगर ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पॉडकास्ट का क्लिप पोस्ट किया। इसमें वे बताते हैं, "5 बजे मुझे टीम से कॉल आया कि तुरंत आदित्य धर सर के घर जाना है, क्योंकि गाना वहीं शूट होने वाला था। आदित्य धर सर के घर पर काम चल रहा था और हमने पहले ही गाने का रिफरेंस रिकॉर्ड कर लिया था। गाने की पहली लिरिक्स रशाद कामिल सर ने लिखी थी। सर ने मुझे गाने के बारे में बताया। इसके बाद सिर्फ 15 मिनट में गाना शूट हो गया। पहला कट भी बस 15 मिनट में पूरी तरह शूट हो गया।

बॉम्बे रॉकर्स ने इंडी पॉप का एक नया दौर शुरू किया, जहां पंजाबी लिरिक्स और वेस्टर्न बीट्स का फ्यूजन लोगों को खूब पसंद आता था, लेकिन जैसे-जैसे बॉलीवुड म्यूजिक और बड़े लेबल्स का दबदबा बढ़ा, इंडिपेंडेंट बैंड्स जैसे बॉम्बे रॉकर्स धीरे-धीरे बैकग्राउंड में चले गए। हालांकि, निर्देशक आदित्य धर अपनी फिल्म के साथ बॉम्बे रॉकर्स को फिर से लेकर आए और उनकी पूरी टीम ने मिलकर आरी आरी जैसे मशहूर गाने को फिर से नए अंदाज में जीवंत कर दिया।

'धुरंधर: द रिवेंज' के साथ ये गाना भी धूम मचा रहा है और ट्रेंड सेट कर रहा है।

--आईएएनएस

एनएस/एएस