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दिल्ली विधानसभा में 15 साल बाद पीएसी रिपोर्ट स्वीकार, स्पीकर ने पिछली सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली, 27 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने पिछली आम आदमी पार्टी सरकार की आलोचना करते हुए शुक्रवार को 15 साल से ज्यादा के अंतराल के बाद सदन द्वारा लोक लेखा समिति (पीएसी) की रिपोर्ट स्वीकार किए जाने की सराहना की।
 
दिल्ली विधानसभा में 15 साल बाद पीएसी रिपोर्ट स्वीकार, स्पीकर ने पिछली सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली, 27 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने पिछली आम आदमी पार्टी सरकार की आलोचना करते हुए शुक्रवार को 15 साल से ज्यादा के अंतराल के बाद सदन द्वारा लोक लेखा समिति (पीएसी) की रिपोर्ट स्वीकार किए जाने की सराहना की।

विधानसभा में स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि पिछली सरकार सीएजी की रिपोर्ट की प्रतियां सदन के पटल पर रखने में विफल रही और पीएसी व्यावहारिक रूप से निष्क्रिय हो गई थी। 15 साल की पूरी अवधि के दौरान सदन में एक भी रिपोर्ट पेश नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार को प्राप्त सभी सीएजी रिपोर्ट अब सदन के पटल पर रख दी गई हैं और पीएसी तथा सीओजीयू को भेज दी गई हैं।

पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त शासन सुनिश्चित करने में पीएसी के महत्व की ओर इशारा करते हुए स्पीकर ने कहा कि पीएसी इस सदन की सबसे महत्वपूर्ण समितियों में से एक है, जिसे कार्यकारी और वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार की सराहना करते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि दिल्ली विधानसभा ने पीएसी को सफलतापूर्वक वापस पटरी पर ला दिया है। एक साल की अवधि में पीएसी ने स्वास्थ्य, आबकारी और वाहन प्रदूषण के संबंध में सीएजी के निष्कर्षों पर आधारित तीन रिपोर्ट सफलतापूर्वक प्रस्तुत की हैं। मैं इस सराहनीय प्रयास के लिए पीएसी के अध्यक्ष और सदस्यों को बधाई देता हूं।

स्पीकर ने समिति के प्रयासों की भी सराहना करते हुए कहा कि इसने अपने निष्कर्षों के आधार पर बहुत ही ठोस सिफारिशें की हैं और बताया है कि विभागों ने अपने कामकाज में पहचानी गई अनियमितताओं और कमियों को ठीक करने के लिए सुधारात्मक उपाय लागू करना पहले ही शुरू कर दिया है।

उन्होंने कहा कि संसदीय परंपराओं और परिपाटियों के अनुसार, विभागों को पीएसी द्वारा की गई सिफारिशों पर अपने 'एक्शन टेकन नोट्स' प्रस्तुत करना आवश्यक है।

गुप्ता ने कहा कि सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया जाता है कि वे रिपोर्ट में उल्लिखित निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने एटीएन (एक्शन टेकन नोट) प्रस्तुत करें। विधानसभा सचिवालय को भी निर्देश दिया जाता है कि वह आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए इन रिपोर्टों को संबंधित विभागों को तुरंत आगे बढ़ाएं।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी