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दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 जनवरी से शुरू, 'शीश महल' सीएजी रिपोर्ट पर हंगामे के आसार

नई दिल्ली, 4 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है, जिसमें राजधानी से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। यह सत्र 5 जनवरी से शुरू होकर 8 जनवरी तक चलेगा। चार दिनों तक चलने वाले इस सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
 
दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 जनवरी से शुरू, 'शीश महल' सीएजी रिपोर्ट पर हंगामे के आसार

नई दिल्ली, 4 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है, जिसमें राजधानी से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। यह सत्र 5 जनवरी से शुरू होकर 8 जनवरी तक चलेगा। चार दिनों तक चलने वाले इस सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

पुराना सचिवालय स्थित विधानसभा भवन एक बार फिर राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा, जहां जनप्रतिनिधि दिल्ली की जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाएंगे। शीतकालीन सत्र होने के कारण सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। सत्र की औपचारिक शुरुआत सोमवार सुबह 11 बजे दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के अभिभाषण से होगी। उपराज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही लगभग 30 मिनट के अंतराल के बाद शुरू की जाएगी। अभिभाषण में सरकार की नीतियों, आगामी योजनाओं और राजधानी से जुड़े प्रमुख मुद्दों का खाका पेश किए जाने की उम्मीद है।

इस बार शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार का विशेष फोकस प्रदूषण और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर रहेगा। राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर सदन में विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही सरकार प्रदूषण और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित एक प्रस्ताव भी सदन के पटल पर रखेगी। माना जा रहा है कि यह सत्र दिल्ली की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

सत्र के दौरान सरकार सदन में तीन महत्वपूर्ण कैग (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) रिपोर्ट भी पेश करेगी। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास, जिसे 'शीश महल' कहा जा रहा है, से जुड़ी रिपोर्ट शामिल है। इसके अलावा दिल्ली जल बोर्ड से संबंधित कैग रिपोर्ट और दिल्ली सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों पर आई कैग रिपोर्ट भी सदन में रखी जाएगी। इन रिपोर्टों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

दिल्ली विधानसभा सचिवालय की ओर से पूर्व में जारी प्रेस नोट में कहा गया कि विधानसभा सत्र के रूप में इस शीतकालीन सत्र का विशेष महत्व है। विकास कार्यों की प्रगति, प्रशासनिक दक्षता, और वित्तीय अनुशासन जैसे विषयों के केंद्र में रहने की संभावना है। सीमित अवधि और बढ़ती जन अपेक्षाओं के बीच यह सत्र विस्तृत बहसों की बजाय केंद्रित विधायी समीक्षा के रूप में सामने आने की संभावना है।

--आईएएनएस

पीएसके