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दिल्ली सरकार की पहल, डीएसईयू-एमएएसी साझेदारी से युवाओं को मिलेगा उद्योग आधारित डिग्री और प्रशिक्षण

नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार ने कौशल आधारित उच्च शिक्षा और रचनात्मक उद्योग को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी (डीएसईयू) तथा एमईएल ट्रेनिंग एंड असेसमेंट्स लिमिटेड (एमएएसी की मूल कंपनी) के बीच पांच वर्षों के लिए एक औपचारिक समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी के माध्यम से उद्योग आधारित प्रशिक्षण को विश्वविद्यालय की मान्यता प्राप्त डिग्री से जोड़ा जाएगा।
 

नई दिल्‍ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार ने कौशल आधारित उच्च शिक्षा और रचनात्मक उद्योग को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी (डीएसईयू) तथा एमईएल ट्रेनिंग एंड असेसमेंट्स लिमिटेड (एमएएसी की मूल कंपनी) के बीच पांच वर्षों के लिए एक औपचारिक समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी के माध्यम से उद्योग आधारित प्रशिक्षण को विश्वविद्यालय की मान्यता प्राप्त डिग्री से जोड़ा जाएगा।

इस अवसर पर दिल्ली के शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) तथा राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क के अनुरूप युवाओं को विश्वस्तरीय अवसर प्रदान करना है तथा दिल्ली को देश की उभरती हुई 'ऑरेंज इकोनॉमी'(रचनात्मक एवं सांस्कृतिक उद्योग) का प्रमुख केंद्र बनाना है।

उन्होंने यह भी कहा कि समझौते के तहत एमएएसी उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करेगा तथा विद्यार्थियों को उद्योग में प्लेसमेंट उपलब्ध कराएगा, जबकि डीएसईयू परिसर, परीक्षाओं एवं विश्वविद्यालय की मान्यता प्राप्त डिग्री प्रदान करने की जिम्मेदारी निभाएगा। इससे कक्षा 12 के बाद विद्यार्थियों को एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, डिजाइन तथा अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर करियर बनाने का अवसर मिलेगा।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने तीन महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की।

डीएसईयू–एमएएसी डिग्री साझेदारी: कक्षा 12 के बाद विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण के साथ विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त डिग्री उपलब्ध होगी, जिससे उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार तथा उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

राष्ट्रीय फिल्म एवं डिजाइन हैकाथॉन:दिल्ली सरकार के स्कूलों के माध्यम से आयोजित होने वाली इस पहल के अंतर्गत लगभग 20,000 विद्यार्थियों को निःशुल्क डिजिटल कंटेंट निर्माण, फिल्म, मीडिया एवं डिजाइन के क्षेत्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह कार्यक्रम "लर्न बाय डूइंग" की अवधारणा पर आधारित होगा।

दिल्ली क्रिएटर्स एवं एवीजीसी-एक्‍सआर फेडरेशन का गठन:एनीमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्र के 300 से अधिक विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर दिल्ली सरकार की उद्योगोन्मुखी नीति तैयार करने में सहयोग लिया जाएगा।

शिक्षा मंत्री सूद ने कहा कि भारत सरकार ने एवीजीसी-एक्‍सआर (एनिमेशन, विजुअल इफेक्‍ट, गेमिंग, कॉमिक्‍स एवं एक्‍सटेंडेड रियालिटी) क्षेत्र को देश का एक प्रमुख "सनराइज सेक्टर" घोषित किया है। यह क्षेत्र वर्तमान में लगभग 16 से 17 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ रहा है तथा वर्ष 2030 तक देश में लगभग 20 लाख प्रशिक्षित पेशेवरों की आवश्यकता अनुमानित है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की ये पहलें समय की आवश्यकता के अनुरूप हैं और विद्यालय स्तर पर प्रशिक्षण, विश्वविद्यालय स्तर की डिग्री तथा उद्योग समर्थित नीति निर्माण के माध्यम से युवाओं को भविष्य के रोजगारों के लिए तैयार करेंगी। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "क्रिएट इन इंडिया, क्रिएट फॉर द वर्ल्‍ड" के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी