दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को जारी किया नोटिस, कनॉट प्लेस में प्रदर्शन नहीं करने का निर्देश
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दिपके को 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित प्रदर्शन के संबंध में नोटिस जारी किया है। पुलिस ने दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के संदर्भ में जारी नोटिस में कहा है कि सोशल मीडिया पर शाम 5 बजे कनॉट प्लेस में जुटने की अपील की गई थी, जबकि इसके लिए कानूनी अनुमति नहीं ली गई थी।
नोटिस में दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस में बिना अनुमति भीड़ जुटने से यातायात, कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और व्यावसायिक गतिविधियों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का उल्लेख किया है। पुलिस के मुताबिक, कनॉट प्लेस एक व्यस्त व्यावसायिक इलाका है, जहां गोलाकार सड़कें और प्रवेश एवं निकास के सीमित मार्ग होने के कारण भीड़ जमा होने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालना मुश्किल हो सकता है। इससे यातायात जाम और आपात स्थिति पैदा होने का खतरा है।
पुलिस ने नोटिस में कहा है कि कनॉट प्लेस में बड़ी संख्या में दुकानें, शोरूम, रेस्टोरेंट, होटल, बैंक और कार्यालय हैं। यहां प्रदर्शन होने से कारोबार प्रभावित हो सकता है और व्यापारियों के साथ काम करने वाले कर्मचारियों की आजीविका पर असर पड़ सकता है। नोटिस में 15 लाख से अधिक व्यापारियों और कर्मचारियों की रोजी-रोटी का भी उल्लेख किया गया है।
नोटिस में राजीव चौक मेट्रो स्टेशन का जिक्र करते हुए कहा गया है कि यह ब्लू और येलो लाइन को जोड़ने वाला प्रमुख स्टेशन है, जहां से रोजाना औसतन करीब दो लाख यात्री सफर करते हैं। ऐसे में भीड़ बढ़ने से जाम, अव्यवस्था और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका है। दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा है कि कनॉट प्लेस से जुड़ी कई प्रमुख सड़कें दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों तक जाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। बिना अनुमति भीड़ जुटने से मध्य दिल्ली का यातायात प्रभावित हो सकता है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। नोटिस में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा गया है कि सार्वजनिक प्रदर्शन की अनुमति पर विचार करते समय यात्रियों को होने वाली असुविधा को ध्यान में रखना जरूरी है।
पुलिस ने कनॉट प्लेस की संसद, केंद्रीय सचिवालय और राजनयिक क्षेत्रों से निकटता का भी उल्लेख किया है। नोटिस के मुताबिक, भीड़ के आसपास के संवेदनशील इलाकों की ओर बढ़ने से कानून-व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हो सकती हैं।
इसके अलावा, इलाके में पुरानी इमारतों और संकरी सर्विस लेन का हवाला देते हुए पुलिस ने कहा है कि भीड़ के कारण दमकल की गाड़ियों और एंबुलेंस की आवाजाही बाधित हो सकती है। आसपास के अस्पतालों तक पहुंचने वाले रास्ते प्रभावित होने से आपातकालीन सेवाओं में भी दिक्कत आ सकती है।
नोटिस में बताया गया है कि कनॉट प्लेस में गैरकानूनी जमावड़े से कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं। इन आदेशों का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 और कानून की अन्य लागू धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
दिल्ली पुलिस ने नोटिस में कॉकरोच जनता पार्टी के पिछले प्रदर्शनों का भी उल्लेख किया है। पुलिस का आरोप है कि पहले हुए प्रदर्शनों के दौरान अनुमति की शर्तों का उल्लंघन किया गया था और शांति व्यवस्था प्रभावित हुई थी। नोटिस में संसद की ओर मार्च करने की कथित अपीलों के बाद हिंसा और सरकारी एवं निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचने का भी जिक्र किया गया है।
पुलिस ने दिल्ली पुलिस अधिनियम, 1978 की धारा 29, 30, 31, 32 और 33 के तहत अभिजीत दीपके को कनॉट प्लेस के आसपास किसी भी तरह का प्रदर्शन, जुलूस या रैली आयोजित नहीं करने, हथियार के रूप में इस्तेमाल हो सकने वाली वस्तुएं नहीं ले जाने और लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि किसी भी गतिविधि से आम नागरिकों, व्यापारियों, यात्रियों, मरीजों और अन्य लोगों के अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए। लोगों की आवाजाही, सुरक्षा और कारोबार बाधित नहीं होना चाहिए।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कनॉट प्लेस अधिसूचित प्रदर्शन स्थल नहीं है। नोटिस के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए अन्य अधिसूचित स्थलों का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए पहले कानूनी अनुमति लेना जरूरी है। अनुमति के लिए आवेदन करने मात्र से प्रदर्शन की अनुमति नहीं मानी जाएगी। नोटिस में मजदूर किसान शक्ति संगठन बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया गया है। पुलिस ने कहा है कि सार्वजनिक प्रदर्शन की अनुमति पर विचार करते समय यातायात में रुकावट, लोगों की सुरक्षा और सार्वजनिक शांति पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखना आवश्यक है।
नोटिस के अंत में अभिजीत दिपके को कानून का पालन करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति प्रदर्शन करने या प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
--आईएएनएस
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