Aapka Rajasthan

दिल्ली पुलिस ने 6 साल से फरार चल रहे अपराधी मनन शर्मा को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी के द्वारका क्षेत्र में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। चौकी सेक्टर-10, थाना द्वारका साउथ की टीम ने 6 साल से फरार चल रहे एक घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया है।
 
दिल्ली पुलिस ने 6 साल से फरार चल रहे अपराधी मनन शर्मा को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी के द्वारका क्षेत्र में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। चौकी सेक्टर-10, थाना द्वारका साउथ की टीम ने 6 साल से फरार चल रहे एक घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, मनन शर्मा को साल 2020 में दर्ज एक मामले में घोषित अपराधी घोषित किया गया था। वह लगातार अदालत में पेश नहीं हो रहा था, जिसके चलते न्यायालय ने अगस्त 2025 में उसे भगोड़ा घोषित किया। आरोपी के खिलाफ थाना द्वारका उत्तर में एफआईआर दर्ज की गई थी।

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए थाना द्वारका साउथ के एसएचओ इंस्पेक्टर राजेश कुमार शाह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम में एसआई रजत मलिक (इंचार्ज पीपी सेक्टर-10), एएसआई संजीव कुमार, हेड कांस्टेबल प्रवेश और हेड कांस्टेबल रोहित भाटी शामिल थे। पूरी कार्रवाई एसीपी द्वारका किशोर कुमार रेवाला के पर्यवेक्षण में की गई।

पुलिस टीम लगातार घोषित अपराधियों की तलाश में जुटी हुई थी और विभिन्न स्रोतों से जानकारी एकत्र कर रही थी। इसी दौरान 18 मार्च को हेड कांस्टेबल प्रवेश को मुखबिर से सूचना मिली कि मनन शर्मा नवादा इलाके में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाके में जाल बिछाया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनन शर्मा (43) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मॉडल टाउन का रहने वाला है और ओम विहार, फेज-2, नवादा इलाके में छिपकर रह रहा था।

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस से बचने के लिए वह बेहद सतर्कता बरत रहा था, लेकिन तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र के चलते आखिरकार पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-10 चौकी की टीम हाल के दिनों में कई घोषित अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी है। टीम द्वारा डिजिटल ट्रेल, फोन रिकॉर्ड और सोशल मीडिया निगरानी के जरिए फरार आरोपियों का पता लगाया जा रहा है। साथ ही, अंडरकवर ऑपरेशन और अंतर-राज्यीय समन्वय के माध्यम से भी अपराधियों की धरपकड़ की जा रही है।

--आईएएनएस

एसएके/एएस