Aapka Rajasthan

दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता, डबल मर्डर और डकैती मामले में 32 साल बाद आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज ने एक बड़ी कामयाबी में थाना शकरपुर में दर्ज एफआईआर के तहत आईपीसी की धाराओं 396/302/34 में वांछित आरोपी ललित (48) को गिरफ्तार किया है। यह मामला पूर्वी दिल्ली इलाके में स्थित एक आध्यात्मिक आश्रम की दो साध्वियों की बेरहमी से हत्या से जुड़ा है। आरोपी अपनी पहचान बदलकर और अलग-अलग जगहों पर काम करके लगभग 32 वर्ष तक गिरफ्तारी से बचता रहा और आखिरकार उसे दिल्ली के मंगोलपुरी फेज-II से पकड़ा गया।
 

नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज ने एक बड़ी कामयाबी में थाना शकरपुर में दर्ज एफआईआर के तहत आईपीसी की धाराओं 396/302/34 में वांछित आरोपी ललित (48) को गिरफ्तार किया है। यह मामला पूर्वी दिल्ली इलाके में स्थित एक आध्यात्मिक आश्रम की दो साध्वियों की बेरहमी से हत्या से जुड़ा है। आरोपी अपनी पहचान बदलकर और अलग-अलग जगहों पर काम करके लगभग 32 वर्ष तक गिरफ्तारी से बचता रहा और आखिरकार उसे दिल्ली के मंगोलपुरी फेज-II से पकड़ा गया।

दरअसल, पूर्वी दिल्ली इलाके में स्थित एक आध्यात्मिक आश्रम की दो साध्वियों की बेरहमी से हत्या के संबंध में थाना शकरपुर में हत्या और डकैती का मामला दर्ज किया गया था। दोनों साध्वियों की गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और आरोपियों ने कथित तौर पर आश्रम से नकदी, गहने और अन्य कीमती सामान लूट लिया था। ललित मुख्य आरोपियों में से एक था और कथित तौर पर मृतकों का गला घोंटने में शामिल था। लूटे गए सामान में से उसे अपने हिस्से के तौर पर कुछ नकदी और गहने मिले थे।

शुरुआत में आरोपी सुनील कुमार, दिलीप राम और सुशील को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन सह-आरोपी ललित फरार रहा। ललित को 26 अक्टूबर 1995 को 'घोषित अपराधी' करार दिया गया था। अपराध की गंभीरता और आरोपी के लंबे समय तक फरार रहने को देखते हुए, क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज ने उसे खोजने और पकड़ने का काम अपने हाथ में लिया।

क्राइम ब्रांच ने एक टीम बनाई, जिसमें एसआई विकास सोलंकी, रितेश कुमार, जय कुमार और हेड कांस्टेबल गौरव व बिजेंद्र सिंह शामिल थे। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर विनय कुमार ने किया, जो एसीपी सतेंद्र मोहन (एसीपी/सीआर, क्राइम ब्रांच) के नेतृत्व और हर्ष इंदोरा (डीसीपी/क्राइम ब्रांच) की देखरेख में काम कर रहे थे।

टीम ने आरोपी का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास किए और उसके ठिकाने के संबंध में जानकारी जुटाई। जानकारी से पता चला कि आरोपी उसी पहचान के साथ रह रहा था, लेकिन अपने अतीत को छिपाने के लिए अलग-अलग जगहों पर पैकेजिंग लेबर के तौर पर काम कर रहा था। जानकारी मिलने पर टीम मंगोल पुरी फेज-II पहुंची और चुपचाप आरोपी के ठिकाने का पता लगाया।

जांच-पड़ताल में ललित मंगोलपुर की एक फैक्ट्री में पैकेजिंग लेबर के तौर पर काम करता हुआ मिला और उसे सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया। उसके आधार कार्ड से भी उसकी पहचान की पुष्टि हुई, जिस पर उसका नाम ललित लिखा था। उसकी गिरफ्तारी की जानकारी शकरपुर पुलिस स्टेशन को दी गई।

जांच से पता चला कि आरोपी और उसके साथियों ने डकैती करने और पैसे, गहने व अन्य कीमती सामान लूटने के इरादे से एक आश्रम की दो साध्वियों की बेरहमी से हत्या की थी। ललित कथित तौर पर पीड़ितों का गला घोंटने में शामिल था और बाद में लूटे गए सामान में से अपने हिस्से के तौर पर कुछ नकद और गहने लिए थे।

आरोपी ललित (48 वर्ष) बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है। वह आठवीं कक्षा तक पढ़ा है और पैकेजिंग लेबर के तौर पर काम करता है। वह घरेलू सहायक के तौर पर दिल्ली आया था और सह-आरोपी सुनील कुमार और दिलीप राम के संपर्क में आया।

लंबे समय तक फरार रहने के दौरान ललित साल 2000 तक बिहार में रहा, जहां उसने अलग-अलग जगहों पर काम किया। इसके बाद वह दिल्ली आ गया और अलग-अलग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में पैकेजिंग लेबर के तौर पर काम करता रहा। उसने कथित तौर पर अपना अतीत छिपाया और लगभग 32 वर्ष तक गिरफ्तारी से बचता रहा। उसने मई 2017 में शादी की थी और 5 वर्ष के बेटे का पिता है। वहीं, क्राइम ब्रांच की ओर से मामले से संबंधित आगे की जांच जारी है।

--आईएएनएस

डीके/डीकेपी