दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, आठ साल से ज्यादा समय से फरार तीन घोषित अपराधी गिरफ्तार
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कार्रवाई में 8 साल से ज्यादा समय से फरार 3 घोषित अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
इंस्पेक्टर विनय पाल और इंस्पेक्टर मनोज कुमार की अगुवाई में स्पेशल सेल की एक टीम ने एसीपी आशीष कुमार की देखरेख में दिल्ली के साकेत पुलिस स्टेशन में दर्ज हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाए एक अपराधी को गिरफ्तार किया। दिल्ली के पुलिस कमिश्नर (सीपी) ने उसकी गिरफ्तारी पर 50,000 रुपए का इनाम घोषित किया था। साकेत कोर्ट, दिल्ली ने मामले में 2017 में उसे घोषित अपराधी करार दिया था।
आरोपी की पहचान अमजद (उम्र 43 वर्ष, निवासी हथीन, पलवल, हरियाणा) के रूप में हुई है, जिसे वक्फ बोर्ड की मस्जिद, बेगन हेरी, तिजारा, राजस्थान से मंगलवार को गिरफ्तार किया गया है।
दरअसल, 31 मई 2013 को स्थानीय पुलिस टीम को दिल्ली के साकेत में मंदिर मार्ग के पास एक मदरसे के अंदर 12 वर्ष का एक लड़का बेहोश हालत में मिला। उसके मुंह और दोनों अंगूठों पर सफेद कपड़े की पट्टियां बंधी हुई थीं। उसके शरीर पर बाहरी चोट का कोई निशान नहीं मिला। एम्स में उसे मृत घोषित कर दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला घोंटने से दम घुटना बताया गया। इसके बाद, आईपीसी की धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।
इस मामले में अमजद को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और बाद में 4 सितंबर 2015 के आदेश से उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। अदालत ने उसे 9 दिसंबर 2015 से 16 दिसंबर 2015 तक सात दिन की अंतरिम जमानत दी थी, लेकिन अंतरिम जमानत की अवधि खत्म होने के बाद आरोपी ने सरेंडर नहीं किया और बाद में 30 जनवरी 2017 को दिल्ली की कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया।
दूसरे आरोपी को एसीपी विवेक त्यागी की देखरेख में नई दिल्ली रेंज के इंस्पेक्टर पंकज चौहान और इंस्पेक्टर सुरेश चौधरी की अगुवाई वाली स्पेशल सेल की एक टीम ने अवैध हथियार तस्करी के मामले में घोषित इमरान उर्फ एब्बार उर्फ एब्बे को पकड़ा। आरोपी 10 वर्ष से ज्यादा समय से गिरफ्तारी से बच रहा था।
आरोपी की पहचान इमरान उर्फ एब्बार उर्फ एब्बे (उम्र 34 वर्ष, निवासी बागर खादर, नगला उतावर बुखारी, मथुरा, यूपी) के रूप में हुई है, जिसे बागर खादर, नगला उतावर बुखारी, मथुरा, यूपी से 27 सितंबर को गिरफ्तार किया गया।
दरअसल, 25 दिसंबर 2014 को सराय काले खां बस स्टैंड, दिल्ली से तीन आरोपियों को पकड़ा गया था, जिनमें सलामुद्दीन, इस्ताक और भीला सिंह शामिल थे। सलामुद्दीन से 4 देसी पिस्तौल, इस्ताक से 4 पिस्तौल और भीला सिंह से 2 पिस्तौल बरामद की गई थीं। जांच के दौरान पता चला कि मध्य प्रदेश के रहने वाले राजपाल ने इमरान उर्फ एब्बार उर्फ एब्बे के कहने पर मध्य प्रदेश में भीला सिंह को अवैध हथियारों की खेप सप्लाई की थी।
तीसरे आरोपी को एसीपी आशीष कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर विनय पाल और इंस्पेक्टर मनोज की अगुवाई वाली स्पेशल सेल/एनडीआर की टीम ने एक अंतर-राज्यीय ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया। उसे पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली, ने एक मामले में 2018 में घोषित किया था। आरोपी की पहचान राकेश कुमार (उम्र 48 वर्ष, निवासी चिड़ावा, झुंझुनू, राजस्थान) के रूप में हुई। पुलिस ने उसे बुधवार को अस्थल कॉलोनी, बवाना, दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
दरअसल, 3 फरवरी 2011 को गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल की एक टीम ने सरिता विहार मेट्रो स्टेशन के पास दो हाईवे लुटेरों राकेश कुमार और शकील को पकड़ा और उनके पास से अवैध हथियार बरामद किए। स्पेशल सेल पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट की धारा के तहत एफआईआर दर्ज की गई। आरोपी हाईवे लुटेरों के एक गिरोह का सदस्य था। राकेश के पास से एक देसी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
--आईएएनएस
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