दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, 80 लाख की हेरोइन के साथ अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़
नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। पूर्वी जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है और भारी मात्रा में साइकोट्रॉपिक पदार्थ बरामद किए हैं।
एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड (पूर्वी जिला) की टीम ने तीन नशीले पदार्थों के तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनमें उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के दो सप्लायर भी शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से कुल 475 ग्राम स्मैक/हेरोइन (व्यावसायिक मात्रा) बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत करीब 80 लाख रुपए आंकी गई है।
नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड की एक टीम का गठन किया गया। यह टीम इंस्पेक्टर अरुण कुमार के नेतृत्व और एसीपी ऑपरेशंस पवन कुमार के मार्गदर्शन में कार्य कर रही थी।
2 अप्रैल को टीम को एक गुप्त सूचना मिली कि मोहम्मद आरिफ नामक व्यक्ति गाजीपुर क्षेत्र में स्मैक की सप्लाई करने आने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस ने गाजीपुर रोड, एनएच-24 से गाजीपुर सब्जी मंडी रोड के पास जाल बिछाया और आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 270 ग्राम स्मैक बरामद हुई। इसके अगले दिन, यानी 3 अप्रैल को, थाना पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पूछताछ के दौरान मोहम्मद आरिफ ने खुलासा किया कि वह यह स्मैक शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश के अपने सप्लायरों अमित और विकास से प्राप्त करता था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और लगातार छापेमारी के जरिए दोनों सप्लायरों को भी गिरफ्तार कर लिया। अमित (22 वर्ष) और विकास (28 वर्ष) के पास से कुल 205 ग्राम स्मैक बरामद की गई, जिसे जब्ती मेमो के जरिए कब्जे में लिया गया। इस तरह पुलिस ने पूरे अंतर-राज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। मामले में आगे की जांच जारी है।
जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी मोहम्मद आरिफ स्वयं नशे का आदी था और इसी कारण वह सप्लायरों के संपर्क में आया। शुरुआत में वह छोटी मात्रा में स्मैक खरीदकर दिल्ली-एनसीआर में बेचता था, लेकिन पिछले 5-6 महीनों से उसने इसे बड़े स्तर पर कारोबार का रूप दे दिया। वह ब्रह्मपुरी इलाके में किराए के मकान में रहकर अपने साथियों के साथ मिलकर इस अवैध धंधे को संचालित कर रहा था। आर्थिक लाभ के लालच में उसने नशे की तस्करी को आसान कमाई का जरिया बना लिया और नशे के आदी लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर ऊंचे दामों पर स्मैक बेचता था।
गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद आरिफ (40 वर्ष), निवासी शाहजहांपुर, वर्तमान में ब्रह्मपुरी, दिल्ली में रह रहा था। उसकी शिक्षा पांचवीं तक है और वह विवाहित है। दूसरा आरोपी अमित (22 वर्ष), निवासी तलहन सैयांपुर, शाहजहांपुर, 12वीं पास और विवाहित है। तीसरा आरोपी विकास (28 वर्ष), निवासी कलन, शाहजहांपुर, भी 12वीं पास और विवाहित है। तीनों आरोपी आर्थिक लाभ के लिए इस अवैध गतिविधि में शामिल थे और संगठित रूप से ड्रग तस्करी कर रहे थे।
--आईएएनएस
डीके/डीकेपी
