दिल्ली ने स्वच्छ मोबिलिटी की दिशा में बढ़ाया कदम, पंकज कुमार सिंह ने की बैठक
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार का परिवहन विभाग राजधानी दिल्ली को देश की ईवी कैपिटल बनाने की दिशा में लगातार मजबूती से काम कर रहा है।
इसी क्रम में दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग द्वारा 'ड्राफ़्ट दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026' पर एक स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने की। इस बैठक में परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों समेत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर से जुड़े प्रमुख हितधारक शामिल हुए और पॉलिसी को और मजबूत बनाने के लिए अपने सुझाव दिए।
परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि हम दिल्ली को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में देश की ईवी कैपिटल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 'ड्राफ़्ट दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026' लागू होने के बाद राजधानी में ईवी वाहनों की संख्या के साथ ही उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में भी तेजी से बढ़ोतरी होगी। यह बदलाव प्रदूषण को कम करेगा और साथ ही नागरिकों के जीवन स्तर को और बेहतर बनाएगा।
'ड्राफ़्ट दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026' परामर्श बैठक चार सत्रों में आयोजित की गई। यह संरचना ईवी इकोसिस्टम के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई थी। परामर्श बैठक में यह सुझाव दिया गया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और व्यापक चार्जिंग नेटवर्क विकसित करने के लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (डीटीएल) के साथ स्टेकहोल्डर्स के समन्वय को और बढ़ाया जाए।
'ड्राफ़्ट दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026' राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत करती है। जिसका उद्देश्य सभी प्रमुख वाहन श्रेणियों में ईवी अपनाने को बढ़ाना देने के साथ ही एक बेहद मजबूत और भविष्य के अनुरूप इकोसिस्टम विकसित करना है।
'ड्राफ़्ट दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026' के तहत सभी वाहन कैटेगरी में ईवी अपनाने की गति को तेज करना, सार्वजनिक और निजी चार्जिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार, बैटरी रीसाइक्लिंग, सर्विसिंग और कंपोनेंट रिकवरी के माध्यम से सप्लाई चेन को और अधिक मजबूत बनाना, साथ ही पेट्रोल और डीजल वाहनों पर निर्भरता कम करके वायु गुणवत्ता में सुधार करना है।
इस बैठक में रिहायशी इलाकों में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए आरडब्ल्यूए की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना गया, ताकि पार्किंग और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की समस्याओं का समाधान किया जा सके। बैटरी लाइफ-साइकिल और रीसाइक्लिंग पर भी बैठक में चर्चा हुई। जिसपर मंत्री ने कहा कि पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने और इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए बैटरी रीसाइक्लिंग के प्रभावी तंत्र विकसित किए जाएंगे।
इसके साथ ही, ईवी पॉलिसी को दिल्ली की सोलर पॉलिसी के साथ जोड़ने पर भी बल दिया गया, ताकि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिल सके। ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर चर्चा करते हुए बताया गया कि वर्तमान में राजधानी दिल्ली में लगभग 9000 चार्जिंग पॉइंट हैं, जबकि 4000 से 5000 नए पॉइंट विकसित किए जा रहे हैं। आने वाले समय में इसे बढ़ाकर 32000 से 36000 तक करने का लक्ष्य रखा गया है।
डीटीसी बस डिपो और आईएसबीटी में ईवी चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार, निजी इंटर-स्टेट ई-बस ऑपरेटरों को एक्सेस देने के साथ अन्य वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने (रेट्रोफिटमेंट) जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस परामर्श से प्राप्त सुझाव ड्राफ्ट 'ड्राफ़्ट दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026' को अंतिम रूप देने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
दिल्ली सरकार एक मजबूत, सतत, टिकाऊ और नागरिक-केंद्रित ईवी इकोसिस्टम विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे राजधानी को स्वच्छ और हरित परिवहन के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जा सके।
--आईएएनएस
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