दिल्ली मेट्रो का सहकार टैक्सी के साथ टाइअप, शुरू होगी इंटीग्रेटेड लास्ट माइल कनेक्टिविटी सर्विस
नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने दिल्ली-एनसीआर में यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए एक नई पहल शुरू की है। डीएमआरसी ने सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (एसटीसीएल) के साथ मिलकर इंटीग्रेटेड लास्ट माइल कनेक्टिविटी सर्विस शुरू करने जा रही है। यह सर्विस मेट्रो स्टेशनों से अंतिम पड़ाव तक आसान, सस्ती और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेगी।
दिल्ली मेट्रो एनसीआर का सबसे बड़ा और भरोसेमंद पब्लिक ट्रांसपोर्ट है, जो रोजाना लाखों लोगों को सेवा देती है। मेट्रो तेज, सुरक्षित और समय पर चलती है, लेकिन स्टेशन से घर या ऑफिस तक पहुंचना अक्सर मुश्किल होता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए डीएमआरसी ने ऑर्गनाइज्ड लास्ट माइल सर्विस शुरू करने का फैसला किया है। इससे अनऑर्गनाइज्ड टैक्सी या ऑटो पर निर्भरता कम होगी और यात्रा पूरी तरह से सुचारू हो जाएगी।
इसके तहत डीएमआरसी ने एसटीसीएल के साथ एमओयू साइन किया है। एसटीसीएल एक मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी है, जो भारत टैक्सी नाम से मोबिलिटी प्लेटफॉर्म चलाती है। यह प्लेटफॉर्म भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की पहल है, जो कोऑपरेटिव मॉडल पर आधारित है। इसमें ड्राइवरों को पारदर्शी और बेहतर कमाई मिलती है, साथ ही यात्रियों को विश्वसनीय सर्विस मिलती है।
सर्विस में बाइक टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और कैब शामिल होंगी। ये मेट्रो स्टेशनों से सस्ती, सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाएंगी। शुरुआत में यह सर्विस 10 चुनिंदा मेट्रो स्टेशनों पर मार्केटप्लेस मॉडल के तहत चलेगी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 31 जनवरी 2026 तक मिलेनियम सिटी सेंटर और बॉटनिकल गार्डन स्टेशनों पर स्पेशल बाइक टैक्सी सर्विस शुरू होगी। इस पायलट से यात्रियों की फीडबैक, ऑपरेशनल व्यवहार्यता और सर्विस के प्रभाव का आकलन किया जाएगा।
एक खास बात डिजिटल इंटीग्रेशन है। भारत टैक्सी ऐप को डीएमआरसी के सारथी ऐप के साथ जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर मेट्रो टिकट बुकिंग के साथ लास्ट माइल राइड प्लान, बुक और ट्रैक करने की सुविधा मिलेगी। यात्री स्टेशन पर उपलब्ध ऑप्शन देख सकेंगे, किराया अनुमान लगा सकेंगे और रियल-टाइम ट्रैकिंग से यात्रा पूरी कर सकेंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, इंतजार कम होगा और विश्वसनीयता मजबूत होगी।
किराए मौजूदा मार्केट रेट से प्रतिस्पर्धी रहेंगे। पीक आवर में डिमांड के आधार पर थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन इसे सीमित रखा जाएगा ताकि यात्री प्रभावित न हों। किराया स्ट्रक्चर यात्रियों की सुविधा और सर्विस देने वालों की आर्थिक स्थिरता के बीच संतुलन बनाएगा। यात्रियों को जागरूक करने के लिए मेट्रो स्टेशनों पर स्पष्ट साइनेज लगाए जाएंगे, जो सर्विस लोकेशन, बुकिंग तरीके और उपलब्धता बताएंगे। इससे लोग आसानी से विकल्प चुन सकेंगे।
यह पहल पर्यावरण के प्रति डीएमआरसी की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है। दिल्ली में एयर पॉल्यूशन का बड़ा कारण रोड ट्रांसपोर्ट है। लास्ट माइल की कमी से लोग प्राइवेट गाड़ियां इस्तेमाल करते हैं। ऑर्गनाइज्ड सर्विस से प्राइवेट वाहनों का उपयोग कम होगा, एमिशन घटेगा और हवा की क्वालिटी बेहतर होगी।
कुल मिलाकर, यह सहयोग एनसीआर में सस्टेनेबल, पैसेंजर-सेंट्रिक और एंड-टू-एंड मोबिलिटी का नया दौर शुरू करेगा। यात्रियों को अब मेट्रो से उतरकर घर तक की यात्रा बिना किसी परेशानी के पूरी करने का मौका मिलेगा।
--आईएएनएस
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