दिल्ली में खाद्य पदार्थों में मिलावट के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है: पंकज कुमार सिंह
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह के निर्देश पर दिल्ली सरकार के फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने राजधानी दिल्ली में नागरिकों के लिए सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी एवं प्रवर्तन की कार्रवाई को और तेज कर दिया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली के प्रत्येक नागरिक के लिए सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मैंने खाद्य सुरक्षा विभाग को विशेष तौर से निर्देश दिए हैं कि त्योहारों के दौरान सख्त निगरानी बनाए रखने के साथ किसी भी उल्लंघन के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें। अब तक मिले सकारात्मक परिणाम हमारे निरंतर प्रयासों का ही नतीजा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कुशल नेतृत्व में हम खाद्य सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रवर्तन और निगरानी तंत्र को और मजबूत करते रहेंगे।
दिल्ली के अलग-अलग जिलों में लगातार निरीक्षण और विशेष निगरानी अभियान के दौरान विभिन्न खाद्य व्यवसाय संचालकों से कुल 98 खाद्य नमूने लिए गए हैं। इन नमूनों में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली खाद्य वस्तुएं जैसे मिठाइयां, डेयरी उत्पाद, मसाले और अन्य जरूरी खाद्य सामग्री शामिल थीं।
खाद्य सुरक्षा प्रयोगशाला द्वारा अब तक 54 नमूनों की जांच रिपोर्ट जारी की जा चुकी है, जिनमें सभी नमूने निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप पाए गए हैं। अब तक मिली रिपोर्ट में कोई भी नमूना असुरक्षित या मानकों पर खरा उतरने में असफल नहीं पाया गया है। बाकी बचे नमूनों की जांच जारी है, और उनकी विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है।
नवरात्रि के दौरान भी इस तरह के विशेष अभियान के तहत विभाग ने बड़े पैमाने पर विशेष तौर पर लगातार निरीक्षण किए, जिसमें व्रत के दौरान सेवन किए जाने वाले खाद्य पदार्थों जैसे कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना, फल एवं डेयरी उत्पादों पर विशेष तौर पर ध्यान दिया गया। खास तौर से बाजारों, मंडियों, खुदरा दुकानों, झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों, अनधिकृत कॉलोनियों और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाए गए, ताकि त्योहारों के दौरान सुरक्षित एवं मानक के अनुरूप खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत चल रहे निगरानी और नियामक ढांचे के अंतर्गत इस अवधि के दौरान कुल 165 खाद्य नमूने लिए गए, जिनमें 138 निगरानी नमूने और 27 प्रवर्तन नमूने शामिल थे। स्वास्थ्य मंत्री के मार्गदर्शन में नियमों का कड़ाई से पालन, गहन निरीक्षण और सीधी निगरानी के चलते यह सुनिश्चित हो सका कि नवरात्रि के दौरान कोई भी खाद्य पदार्थ को लेकर कोई अवांछित घटना सामने नहीं आई।
इस दौरान बड़ी संख्या में सैंपल एकत्र किए गए, जिनमें निगरानी और प्रवर्तन दोनों तरह के नमूने शामिल थे। लीगल नमूनों की प्रयोगशाला जांच में अधिकांश नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए। मानकों का पालन नहीं करने वाले मामलों में सख्त कानूनी प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट खाद्य पदार्थों में मिलावट के प्रति कड़ी निगरानी एवं जीरो टॉलरेंस की अपनी नीति पर कायम है। जन स्वास्थ्य की सुरक्षा और उपभोक्ताओं का विश्वास बनाए रखने के लिए राजधानी के सभी जिलों में नियमित निरीक्षण, सतत निगरानी एवं त्वरित प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी है।
--आईएएनएस
एमएस/
