दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान युवक से मारपीट, पीड़ित बोला- पीएम के नारे लगाने पर पीटा
नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन के दौरान एक युवक पर हमला करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की पहचान फहीम नजीर शाह के रूप में हुई है, जो खुद को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर का रहने वाला बता रहा है।
फहीम का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस के समर्थन में नारे लगाने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसके साथ मारपीट की। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है।
आईएएनएस से बातचीत में फहीम नजीर शाह ने अपनी आपबीती सुनाई। उसने कहा, "पूरे देश ने कल देखा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मुझे किस तरह मारा। राहुल गांधी उसी समय पास के एक रेस्टोरेंट में जा रहे थे, लेकिन उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश भी नहीं की। मुझे इसलिए मारा गया क्योंकि मैंने हिंदुस्तान जिंदाबाद, प्रधानमंत्री जिंदाबाद, दिल्ली पुलिस जिंदाबाद और होम मिनिस्टर जिंदाबाद के नारे लगाए थे।"
फहीम ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट इस मामले को देख रहा है तो सड़कों पर अराजकता फैलाने की क्या जरूरत है। उसने कहा, "आप लोकतंत्र की बात करते हैं, लोकतंत्र में सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया भी है। जब देश की सर्वोच्च अदालत इस मामले में सुनवाई कर रही है, तो देश को नेपाल बनाने की क्या जरूरत है?"
उसने कहा, "मैं इस देश को नेपाल नहीं बनने दूंगा, श्रीलंका नहीं बनने दूंगा, बांग्लादेश नहीं बनने दूंगा। मेरे खून का एक-एक कतरा इस देश के लिए कुर्बान है। मेरा खून स्टेट पुलिस और सेना के लिए कुर्बान है, मेरा खून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री के लिए कुर्बान है।"
फहीम ने बताया कि उसके हाथ में जो पोस्टर था, उस पर लिखा था - "मैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सबसे बड़ा प्रशंसक हूं। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री से माफी मांगनी चाहिए।" उसने कहा कि यह पोस्टर उसने इसलिए बनाया था क्योंकि सीजेपी और राहुल गांधी प्रधानमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं कि ईवीएम में चोरी होती है, एसआईआर में चोरी है और चुनाव आयोग बीजेपी और प्रधानमंत्री के लिए काम कर रहा है।
ईवीएम को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए फहीम ने कहा, "ईवीएम को 1989 में कांग्रेस लेकर आई, राजीव गांधी ने इसे इंट्रोड्यूस किया। 2004 में पूरे देश में ईवीएम से चुनाव हुए और आप भारी बहुमत से जीते। 2009 में फिर ईवीएम से चुनाव हुए और आप फिर भारी बहुमत से जीते। तब ईवीएम ठीक था। जब से 2014 से प्रधानमंत्री मोदी लगातार जीत रहे हैं, तब आपको ईवीएम में चोरी नजर आने लगी? अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार चोर हो गए और वह बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं? जब आप केरल में भारी बहुमत से जीतकर सरकार बनाते हैं, तब क्या चुनाव आयुक्त चोर नहीं होता?"
चोटों के बारे में पूछे जाने पर फहीम ने कहा कि उसे आंख और बाजू पर चोट लगी है। उसने दिल्ली पुलिस का आभार जताया। फहीम ने कहा, "मैं दिल्ली पुलिस, कनॉट प्लेस थाने और एसएचओ साहब और उनकी पूरी टीम का शुक्रगुजार हूँ। मैं शिकायत लेकर यहां आया तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए मेरी एफआईआर दर्ज की।"
फहीम ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री मोदी का बहुत बड़ा फैन हूं। मेरी पहली कोशिश 23 अगस्त 2021 को थी, जब मैं श्रीनगर से दिल्ली तक पैदल प्रधानमंत्री से मिलने के लिए निकला था। कुछ कारणों से मैं उनसे मिल नहीं पाया, वह अलग विषय है। उसके बाद से मैं लगातार देश, सेना, स्टेट पुलिस, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाता रहता हूं।"
--आईएएनएस
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