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दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर घमासान, भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने दी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली में सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन और अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल के नदिया में भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। वहीं, मुंबई में कांग्रेस नेता भाई जगताप और विधायक असलम शेख ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए विरोध-प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाए।
 

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली में सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन और अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल के नदिया में भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। वहीं, मुंबई में कांग्रेस नेता भाई जगताप और विधायक असलम शेख ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए विरोध-प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाए।

भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के नेतृत्व में भारत आगे बढ़ रहा है और लोगों को यह बात समझ में आ गई है। चुनाव में विपक्ष का वोट प्रतिशत लगातार घट रहा है, इसलिए वोट चोरी जैसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के साथ कम्युनिस्ट, पाकिस्तान समर्थक और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' से जुड़े लोग भी देश को नुकसान पहुंचाने के लिए एकजुट हो गए हैं। इन लोगों की मंशा सामने आ चुकी है और वे जो करना चाहते हैं, कर सकते हैं।

मुंबई में कांग्रेस नेता और विधान परिषद सदस्य भाई जगताप ने अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी की आलोचना की। उन्होंने इसे देश में बढ़ती सख्ती का अगला चरण बताते हुए कहा कि जनता लोकतंत्र पर इस तरह के हमले को बर्दाश्त नहीं करेगी। जगताप ने सवाल उठाया कि क्या अभिजीत दिपके कोई अपराधी हैं या दाऊद इब्राहिम हैं, जिन्हें विमान से इस तरह हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने कहा कि दिपके देश के युवा नागरिक हैं और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं। देश के युवा उनके साथ खड़े हैं और सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं।

कांग्रेस विधायक असलम शेख ने कहा कि लोगों को संविधान के तहत विरोध-प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने सवाल किया कि जब लोग अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उनके साथ मारपीट क्यों की जा रही है और होटल क्यों बंद कराए जा रहे हैं। शेख ने आरोप लगाया कि देशभर में आपातकाल जैसे हालात पैदा किए जा रहे हैं। पुलिस और सेना को बच्चों और युवाओं के खिलाफ तैनात किया जा रहा है। आवासीय सोसायटियों में युवाओं के बाहर निकलने पर भी पुलिस पहुंचकर लोगों को डराती है।

असलम शेख ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने उन्हें कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए कानून बनाया। उन्होंने सवाल किया कि ऐसा कदम क्यों उठाया गया और क्या इसका उद्देश्य जवाबदेही से बचाना था। शेख ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और किसी भी व्यक्ति के गलत काम करने पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके