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दिल्ली में छात्रों ने लिया स्वच्छता का संकल्प, पीएम श्री स्कूल में श्रमदान

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। पीएम श्री स्कूल के शिक्षक व वरिष्ठ अधिकारी स्वच्छता के लिए श्रमदान करने हेतु आगे आए हैं। छात्रों की मौजूदगी में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की इस पहल में मंत्रालय के वरिष्ठ आईएएस व अन्य अधिकारी भी शामिल हुए। श्रमदान के बाद ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ के तहत पौधारोपण भी किया गया। छात्रों ने पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण तथा टिकाऊ जीवनशैली का संदेश दिया।
 

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। पीएम श्री स्कूल के शिक्षक व वरिष्ठ अधिकारी स्वच्छता के लिए श्रमदान करने हेतु आगे आए हैं। छात्रों की मौजूदगी में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की इस पहल में मंत्रालय के वरिष्ठ आईएएस व अन्य अधिकारी भी शामिल हुए। श्रमदान के बाद ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ के तहत पौधारोपण भी किया गया। छात्रों ने पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण तथा टिकाऊ जीवनशैली का संदेश दिया।

इस दौरान स्वच्छता को केवल अभियान नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदत बनाने का संदेश दिया गया। शिक्षा मंत्रालय ने नई दिल्ली के एक पीएम श्री स्कूल में स्वच्छता श्रमदान का यह आयोजन किया। यह कार्यक्रम स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के तहत किया गया। शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव टी. के. अनिल कुमार ने यहां श्रमदान का नेतृत्व किया। इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन मिशन लाइफ के लिए ईको क्लब के तहत किया गया।

इसमें छात्रों, शिक्षकों, वरिष्ठ अधिकारियों और केंद्रीय विद्यालय संगठन के अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की। स्वच्छता अभियान केवल स्कूल परिसर तक सीमित नहीं रहा। स्कूल के आसपास के सामुदायिक क्षेत्र और सामने स्थित पार्क में भी सफाई की गई। स्कूल और आसपास के समुदाय ने मिलकर स्वच्छता मिशन को बढ़ावा दिया। कार्यक्रम में छात्रों के लिए ठोस कचरा प्रबंधन नियमों पर एक प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की गई। स्वच्छता अभियान से जुड़ी प्रश्नोत्तरी के जरिए छात्रों को कचरे को उसके स्रोत पर अलग करने और कचरे के जिम्मेदारी से निपटान की जानकारी दी गई।

संवाद और प्रश्नों के जरिए सीखने की इस गतिविधि ने स्वच्छता को छात्रों के लिए और अधिक रोचक बनाया। मंत्रालय के अनुसार इस कार्यक्रम के जरिए स्कूलों की भूमिका को भी रेखांकित किया गया। स्कूल बच्चों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदारी की आदत विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। छात्रों को अपने आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने और पर्यावरण की रक्षा में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।

इस श्रमदान में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता की शुरुआत केवल बड़े अभियानों से नहीं, बल्कि स्कूल, घर और आसपास के छोटे-छोटे प्रयासों से होती है। छात्रों की भागीदारी के जरिए स्वच्छ और विकसित भारत के संकल्प को रोजमर्रा के जीवन से जोड़ने पर जोर दिया गया।

--आईएएनएस

जीसीबी/पीएम