दिल्ली: मनजिंदर सिंह सिरसा ने जेएनयू कैंपस में नारेबाजी को बताया शर्मनाक, कांग्रेस और 'आप' पर हमला बोला
नई दिल्ली, 6 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न मिलने पर जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के कैंपस में हुई नारेबाजी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नारे लगाने वालों को अलगाववादी बताते हुए कहा कि ये लोग सिर्फ देश को बांटने की बातें करते हैं, जो शर्मनाक है।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा, "अगर हर मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन होगा, तो फिर क्या बचेगा? इन लोगों को देश, संविधान या कानून से कोई मतलब नहीं है। ये लोग अलगाववादी हैं और सिर्फ ऐसी बातें करते हैं जो देश को बांटती हैं। इन्होंने देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का अपमान किया है।"
उमर खालिद और शरजील इमाम को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह के पोस्ट पर मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, "सुबह मैंने आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह का बयान देखा। इनको ऐसे कामों से उत्साह मिलता है। संजय सिंह ने कहा था, 'मैं सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करता हूं, पर इनको जेल में नहीं रखना चाहिए। इनको छोड़ देना चाहिए।' मतलब दिल्ली में बेकसूर लोगों को दंगों में मारने वालों को जेलों में नहीं रखना चाहिए। यह आम आदमी पार्टी का स्टैंड है।"
उन्होंने आगे कहा कि 1984 के कत्लेआम के लिए यही स्टैंड कांग्रेस पार्टी का रहा है। इससे पता चलता है कि इन दलों की राजनीति कितनी गंदी है। दंगाइयों के पीछे कांग्रेस और आम आदमी पार्टी हमेशा दिखाई देती है। इस बारे में सभी को सोचना चाहिए।
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रदूषण के मुद्दे पर कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली को दूषित हवा देकर गई। 11 साल तक अरविंद केजरीवाल झूठे वादे करते रहे। वह हर साल कहते रहे कि अगले साल प्रदूषण ठीक हो जाएगा, बार-बार पांच साल और मांगते रहे।
उन्होंने कहा, "अब आम आदमी पार्टी के नेता सदन में मास्क लगाते हुए मुंह छिपाकर आ रहे हैं। क्या दिल्ली के लोग उनके छिपे चेहरों के पीछे की सच्चाई नहीं देख रहे हैं? मैं कहना चाहता हूं कि पहली बार सरकार ने खुद प्रदूषण पर बहस करने के लिए कहा है, लेकिन विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। अरविंद केजरीवाल के कहने पर आम आदमी पार्टी के विधायक सदन से गए।"
मनजिंदर सिंह सिरसा ने आतिशी से कहा कि आप नेता प्रतिपक्ष होने के नाते दिल्ली के प्रदूषण के विषय पर चर्चा से भागें नहीं। कोई भी लड़ाई निजी नहीं है, लेकिन जिस तरह 11 साल में पिछली सरकार ने दिल्ली की हवा को खराब किया है, इस पर चर्चा में जरूर शामिल होना चाहिए। इस पर आतिशी को अपना स्पष्टीकरण सदन में देना चाहिए।
--आईएएनएस
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