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दिल्ली: कृषि भवन का अधिकारी बताकर लोन आवेदकों से लेता था रिश्वत, सीबीआई ने आरोपी को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली/देहरादून, 19 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग का अधिकारी बनकर ऋण आवेदकों से रिश्वत मांगने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को कृषि भवन, नई दिल्ली स्थित विभाग का अधिकारी बताकर पशुपालन अवसंरचना विकास निधि के तहत ऋण लेने वाले लोगों से पैसे की मांग करता था।
 

नई दिल्ली/देहरादून, 19 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग का अधिकारी बनकर ऋण आवेदकों से रिश्वत मांगने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को कृषि भवन, नई दिल्ली स्थित विभाग का अधिकारी बताकर पशुपालन अवसंरचना विकास निधि के तहत ऋण लेने वाले लोगों से पैसे की मांग करता था।

सीबीआई के अनुसार, इस मामले में 29 जून को एंटी करप्शन ब्रांच देहरादून में मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर तहसील के लालपुर गांव में पोल्ट्री फार्म संचालित करता है। उसने पशुपालन अवसंरचना विकास निधि योजना के तहत उद्यमी मित्र पोर्टल के माध्यम से 22.50 लाख रुपए के ऋण के लिए आवेदन किया था।

जांच में सामने आया कि आरोपी ने खुद को विभाग का अधिकारी बताकर ऋण स्वीकृत कराने के नाम पर 45 हजार रुपए यानी ऋण राशि का 2 प्रतिशत रिश्वत मांगी थी।

सीबीआई ने 29 जून को जाल बिछाया, जिसमें आरोपी ने शिकायतकर्ता से पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपए यूपीआई के जरिए भेजे गए। क्यूआर कोड और बैंक खाते की जानकारी के आधार पर सीबीआई ने 30 जून को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, लेकिन पूछताछ में पता चला कि वह मुख्य आरोपी नहीं था।

जांच के दौरान सीबीआई को पता चला कि मुख्य आरोपी पशुपालन अवसंरचना विकास निधि के ऋण आवेदनों की जानकारी तक पहुंच रखता था। वह प्रतिदिन बड़ी संख्या में आवेदकों को फोन कर ऋण आवेदन खारिज होने, दोबारा आवेदन कराने या ऋण स्वीकृति दिलाने का झांसा देकर रिश्वत मांगता था। आरोपी यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग लोगों के बैंक खातों में रकम मंगवाकर बाद में उसे अन्य खातों में ट्रांसफर कर देता था।

मुख्य आरोपी की तलाश में सीबीआई ने दिल्ली, आगरा और आसपास के क्षेत्रों में लगातार छापेमारी और तकनीकी जांच की। इस दौरान मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, संदिग्ध बैंक खातों, आईपी एड्रेस और संबंधित अधिकारियों व ऋण आवेदकों से पूछताछ की गई। डिजिटल सर्विलांस और खुफिया जानकारी के आधार पर पता चला कि आरोपी लगातार अपने मोबाइल नंबर और ठिकाने बदल रहा था तथा आगरा, जयपुर और दिल्ली जैसे शहरों में छिपकर रह रहा था।

19 जुलाई को सीबीआई को सूचना मिली कि आरोपी अपने पैतृक गांव छोटा पूठा बिसराना, थाना दौकी, तहसील फतेहाबाद, जिला आगरा (उत्तर प्रदेश) लौटा है। इसके बाद सीबीआई की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई ने आरोपी के आवास पर तलाशी भी ली, जहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए। आरोपी को देहरादून की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा, फिलहाल मामले की जांच जारी है।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी