Aapka Rajasthan

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 14 जेएनयू छात्रों की रिहाई का दिया आदेश

नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जेएनयू प्रदर्शन मामले में गिरफ्तार 14 छात्रों को रिहा करने का आदेश दिया है। शुक्रवार को जमानत मिलने के बाद भी दस्तावेजों के सत्यापन के लिए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
 
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 14 जेएनयू छात्रों की रिहाई का दिया आदेश

नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जेएनयू प्रदर्शन मामले में गिरफ्तार 14 छात्रों को रिहा करने का आदेश दिया है। शुक्रवार को जमानत मिलने के बाद भी दस्तावेजों के सत्यापन के लिए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को 14 जेएनयू छात्रों को जमानत दी, लेकिन इन छात्रों के स्थायी पते के सत्यापन तक उन्हें न्यायिक हिरासत में तिहाड जेल भेजा गया था। रविवार को कोर्ट ने रिहाई का आदेश देते हुए आरोपी छात्रों के सभी दस्तावेजों के सत्यापन के लिए 10 दिन का समय निर्धारित किया।

जेएनयू छात्रों को गुरुवार को पुलिस के साथ टकराव के दौरान गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक, करीब 300 प्रदर्शनकारियों ने बिना इजाजत के मार्च निकालने की कोशिश की। जब पुलिस वालों ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, तो प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर हाथापाई की और अधिकारियों पर हमला किया।

पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण नहीं था और झड़प के दौरान कई कर्मचारियों को चोटें आईं। पुलिस की ओर से बताया गया कि कई आरोपी पहले भी ऐसे विरोध प्रदर्शनों में शामिल रहे हैं, जहां कथित तौर पर बल प्रयोग किया गया था और इसी तरह की घटनाओं के संबंध में पहले भी चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं।

गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को जेएनयू छात्र संघ के तीन पदाधिकारियों समेत सभी 14 आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया था। आरोपियों के वकील ने कहा कि छात्र जांच में सहयोग करने को तैयार हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सभी 14 आरोपियों को 25 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत दे दी। हालांकि, अदालत ने आरोपियों के स्थायी पते के सत्यापन तक उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

अदालत ने सत्यापन शर्त लगाते हुए कहा कि यह जरूरी है, क्योंकि आरोपियों ने अपने सही विवरण देने में'अनिच्छा' दिखाई थी और अपनी गिरफ्तारी की सूचना देने के लिए परिवार के सदस्यों या मित्रों को नामित नहीं किया था।

--आईएएनएस

डीसीएच/