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दिल्ली की हवा में सुधार, 2026 के पहले पांच महीनों का एक्यूआई 8 वर्षों में सबसे बेहतर

नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा की गुणवत्ता को लेकर एक सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बताया है कि वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों (जनवरी से मई) के दौरान दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) पिछले आठ वर्षों में सबसे कम दर्ज किया गया है। हालांकि, कोविड वर्ष 2020 को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
 
दिल्ली की हवा में सुधार, 2026 के पहले पांच महीनों का एक्यूआई 8 वर्षों में सबसे बेहतर

नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा की गुणवत्ता को लेकर एक सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बताया है कि वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों (जनवरी से मई) के दौरान दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) पिछले आठ वर्षों में सबसे कम दर्ज किया गया है। हालांकि, कोविड वर्ष 2020 को इसमें शामिल नहीं किया गया है।

सीएक्यूएम द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से मई 2026 के दौरान दिल्ली का औसत एक्यूआई 211 रहा। यह 2025 के 214, 2024 के 231, 2023 के 213, 2022 के 238, 2021 के 235, 2019 के 237, और 2018 के 243 एक्यूआई से बेहतर है। कोविड काल के वर्ष 2020 में यह आंकड़ा 181 था।

सिर्फ पहले पांच महीनों में ही नहीं, बल्कि मई 2026 में भी दिल्ली की हवा अपेक्षाकृत साफ रही। आयोग के मुताबिक मई 2026 का औसत एक्यूआई 157 दर्ज किया गया, जो 2020 और 2021 को छोड़कर पिछले आठ वर्षों में दूसरा सबसे कम स्तर है।

तुलना करें तो मई 2025 में औसत एक्यूआई 170, मई 2024 में 223, मई 2023 में 171, मई 2022 में 212, मई 2019 में 221, और मई 2018 में 217 दर्ज किया गया था। वहीं, 2020 और 2021 में यह आंकड़ा 144 रहा था।

दिल्लीवासियों के लिए एक और राहत भरी खबर यह है कि वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में राजधानी में 75 दिन 'गुड टू मॉडरेट' (अच्छी से मध्यम) श्रेणी के एक्यूआई वाले रहे। यह संख्या 2025 में 70 दिन, 2024 में 75 दिन, 2023 में 74 दिन, 2022 में केवल 37 दिन, 2021 में 59 दिन, 2019 में 59 दिन और 2018 में 44 दिन थी। कोविड वर्ष 2020 में ऐसे 98 दिन दर्ज किए गए थे।

इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयासों का असर दिखाई दे रहा है। लगातार बढ़ते 'गुड टू मॉडरेट' एक्यूआई और औसत एक्यूआई में कमी ने राजधानी की हवा को पहले की तुलना में बेहतर बनाने की दिशा में सकारात्मक संकेत दिए हैं।

--आईएएनएस

वीकेयू/डीकेपी