दिल्ली के व्यापारियों ने की कांग्रेस से रैली टालने की अपील, कहा- 'दिवाली सीजन में हो सकता है 10 हजार करोड़ का नुकसान'
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को कांग्रेस की ओर से महारैली का आयोजन किया जा रहा है। इसको लेकर चिंता जताते हुए दिल्ली में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी को पत्र लिखा है और रैली को दिवाली के त्योहार तक स्थगित करने का अनुरोध किया है।
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र में लिखा, "हमें जानकारी मिली है कि आपकी पार्टी की ओर से 1 नवंबर को रामलीला मैदान में महारैली का आयोजन किया जा रहा है। आपसे विनम्र निवेदन है कि इस रैली को 10 नवंबर (भैया दूज) के बाद स्थगित किया जाए, क्योंकि वर्तमान में दिवाली व्यापार अपने पीक सीजन पर है।"
पत्र में लिखा है, "इस साल धनतेरस 6 नवंबर को है, दीपावली 8 नवंबर को और भैया दूज 10 नवंबर को है। लोग 1 हफ्ते पहले ही धनतेरस और दीपावली की खरीददारी शुरू कर देते हैं। धनतेरस को लेकर ही दिल्ली में सभी सेक्टरों, सोना-चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, ड्राई फ्रूट्स, मिठाईयां, ऑटोमोबाइल, गाड़ियां, प्रॉपर्टी, गिफ्ट आइटम में लगभग 25 हजार करोड़ रुपए का कारोबार होता है। यह व्यापार दिल्ली की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।"
कनॉट प्लेस, इंडिया गेट और सेंट्रल दिल्ली में लगातार रैलियों, मार्च और रास्ते बंद होने के कारण सीटीआई के आंकलन के अनुसार दिल्ली के व्यापारियों को पहले ही लगभग 3 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। थोक बाजारों में बाहर से माल आना बंद हो गया था और रिटेल में ग्राहक नहीं पहुंच पा रहे थे।
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा, "रामलीला मैदान के 5 किमी के दायरे में दिल्ली के सबसे ऐतिहासिक और प्रसिद्ध होलसेल व रिटेल बाजार स्थित हैं, जिनमें चांदनी चौक, सदर बाजार, चावड़ी बाजार, भागीरथ पैलेस, खारी बावली, कश्मीरी गेट, नया बाजार, मोरी गेट, किनारी बाजार, दरीबा, दरिया गंज, अजमेरी गेट, जामा मस्जिद, झंडेवालान, करोल बाग, नबी करीम, आजाद मार्केट और लाजपत राय मार्केट आते हैं। इन बाजारों से पूरे भारत में माल जाता है। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन भी रामलीला मैदान से नजदीक ही हैं। प्रतिदिन लाखों व्यापारी और खरीददार इन स्टेशनों के माध्यम से दिल्ली आते-जाते हैं।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की रैली के कारण ट्रैफिक डायवर्जन, मेट्रो स्टेशन बंद और बैरिकेडिंग से इन बाजारों का काम पूरी तरह ठप्प हो जाएगा। बृजेश गोयल ने कहा कि रैली के दौरान रास्ते बंद होने और भीड़ के कारण दिल्ली के बाहर से आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी हो सकती है और बाहर से आने वाले खरीददार डर के कारण दिल्ली में आने से परहेज कर सकते हैं, जिसका सीधा असर धनतेरस और दीपावली के व्यापार पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि यह दिवाली का यह पीक सीजन है। अगर रैली हुई और पुलिस ने रास्ते बंद किए तो लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का नुकसान दिल्ली के व्यापार को होगा। इसलिए हमारी सभी राजनीतिक दलों से यही अनुरोध कर रहे हैं कि धनतेरस (6 नवंबर), दीपावली 8 नवंबर और भैया दूज (10 नवंबर) तक दिल्ली के मुख्य बाजार क्षेत्रों में बड़ी रैलियों का आयोजन न किया जाए।
साथ ही, राहुल गांधी से व्यापारियों की पीड़ा समझते हुए 10 नवंबर के बाद रैली आयोजित करने पर विचार करने की अपील की गई है।
--आईएएनएस
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