बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी : दिल्ली हाईकोर्ट
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में बाल तस्करी की बढ़ती समस्या पर दिल्ली सरकार की कड़ी आलोचना की है। कोर्ट ने कहा कि लगता है अब दिल्ली बाल तस्करी की मंडी बन गई है।
न्यायाधीशों ने रेलवे स्टेशनों की स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि अगर कोई वहां दो घंटे घूमकर देख ले तो आसानी से समझ आएगा कि क्या हो रहा है। हाई कोर्ट ने सवाल किया कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर क्या कर रही है?
कोर्ट ने रेलवे स्टेशनों पर बच्चों की तस्करी को लेकर दायर की गई याचिका पर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। साथ ही सरकार से इस मामले में विस्तार से जवाब मांगा है।
यह याचिका रेलवे स्टेशनों पर हो रही बाल तस्करी को रोकने के लिए दायर की गई थी। कोर्ट ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इस ओर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
बाल तस्करी एक बेहद गंभीर सामाजिक समस्या है। इसमें छोटे-छोटे बच्चों को धोखे से या जबरदस्ती अगवा किया जाता है और फिर उन्हें भीख मांगने, काम करने या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में लगाया जाता है। दिल्ली हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी ने राजधानी में बाल सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों की तस्करी हो रही है, जो बहुत चिंताजनक है। सरकार को तुरंत प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि मासूम बच्चों को इस खतरे से बचाया जा सके।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अब दिल्ली सरकार को कोर्ट में जवाब देकर बताना होगा कि बाल तस्करी रोकने के लिए उसने क्या उपाय किए हैं और भविष्य में क्या योजना है। इस मामले की अगली सुनवाई में कोर्ट सरकार के जवाब पर आगे की कार्रवाई तय करेगा।
--आईएएनएस
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