दिल्ली: कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री से पेंशनभोगियों को दिसंबर 2025 से तत्काल पेंशन जारी करने की अपील की
नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि 53 करोड़ रुपए से अधिक की नकदी, बैंक जमा और 193 करोड़ रुपए से अधिक की अचल संपत्ति के साथ दिल्ली वित्त निगम जैसा वित्तीय रूप से सक्षम संगठन में दिसंबर 2025 से सभी पेंशनभोगियों की पेंशन और चिकित्सा सुविधाएं देने का वादा करने के बावजूद भुगतान किए बिना बंद होने जा रहा है।
देवेंद्र यादव ने कहा कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने डीएफसी को एक सफल और आर्थिक रूप से सक्षम निगम बनाने के लिए कड़ी मेहनत की, उन्हें अब उनकी पेंशन और अन्य संबंधित लाभों से वंचित किया जा रहा है, जिसके कारण अधिकतर कर्मचारी गंभीर वित्तीय संकट झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि डीएफसी पेंशन भोगी संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने अपनी शिकायत के साथ उनसे संपर्क किया और उनसे अपील की कि वे जल्द से जल्द निपटारे के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ डीएफसी पेंशनधारकों का मामला उठाएं, क्योंकि कई पेंशनभोगियों के पास अपने को जिंदा रखने के लिए आवश्यक दवाएं खरीदने के लिए भी पैसे तक नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में भाजपा ने युवाओं को 50,000 सरकारी नौकरियां देने और 10 लाख रुपए के जीवन बीमा और 5 लाख रुपए के दुर्घटना बीमा के साथ एक गिग वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड की स्थापना करने का वादा किया था, क्योंकि “विकसित दिल्ली संकल्प पत्र“ में श्रमिकों को समर्थन देने और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे को बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के एक साल बाद, रेखा गुप्ता सरकार नए रोजगार के अवसर पैदा करने और दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों में मौजूदा नौकरियों को भरने के बजाय, एक अच्छी तरह से संचालित दिल्ली वित्त निगम को बंद करके हजारों लोगों की आजीविका के साधन रोजगार को छीन लिया।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि डीएफसी पेंशनर्स एसोसिएशन इस बात पर भी आशंकित है कि डीएफसी के सीएमडी कार्यालय भवन और 55 करोड़ रुपए की धनराशि दिल्ली सरकार को हस्तांतरित करना चाहते हैं। हालांकि सीएमडी, निदेशक मंडल और डीएफसी के प्रबंधन की शक्तियां 6 फरवरी, 2026 की राजपत्र अधिसूचना के साथ समाप्त हो गई थीं। सरकार द्वारा यह दिखाने की योजना बनाई जा रही है कि डीएफसी के पास पेंशन के लिए कोई धन नहीं है, जो डीएफसी पेंशनभोगियों के हितों अनुसार चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सभी पेंशनभोगियों को दिसंबर 2025 से तत्काल पेंशन जारी करने की अपील की, जिसमें भविष्य की सभी महंगाई राहत, समूह भविष्य निधि (जीपीएफ) बकाया को सीधे खाते में जारी करना और पुरानी पेंशन योजना के तहत कर्मचारियों को पेंशन का कम्यूटेशन और सभी लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों का भुगतान शामिल है। उन्होंने मुख्यमंत्री से चिकित्सा योजना को सीधे बहाल करने और आजीवन चिकित्सा सदस्यता के लिए भुगतान करने वाले पेंशनभोगियों के निहित अधिकारों और 10 साल की सेवानिवृत्ति पूरी होने के बाद डीएफसी द्वारा निर्धारित वार्षिक सदस्यता की सुरक्षा देने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 के बाद के महीनों के लिए पेंशन का भुगतान अचानक बिना किसी सूचना के बंद कर दिया गया जाना बेहद अनैतिक है जबकि डीएफसी के पास नकद और बैंक जमा और अचल संपत्तियों में पर्याप्त राशि उपलबाशि उपलब्ध है।
--आईएएनएस
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