दिल्ली : ड्रग्स केस का दोषी पैरोल जंपर 5 साल बाद गिरफ्तार, क्राइम ब्रांच ने दबोचा
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की यूनिट ने एक ऐसे दोषी गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है, जो कोविड-19 महामारी के दौरान मिली पैरोल खत्म होने के बाद जेल वापस नहीं लौटा था और पिछले करीब पांच वर्षों से फरार चल रहा था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजय जारवाल तोरेला (40) के रूप में हुई है। वह एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में दोषी करार दिया जा चुका था। उसे वर्ष 2021 में कोविड-19 के दौरान पैरोल पर रिहा किया गया था, लेकिन पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद उसने जेल प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं किया और फरार हो गया।
क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपी वर्ष 2011 में मालवीय नगर इलाके में दर्ज एक मामले में पकड़ा गया था। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 161.2 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। इस मामले में उसे अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया था और वह जेल में सजा काट रहा था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पैरोल पर बाहर आने के बाद आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए बेहद लो-प्रोफाइल जीवन जी रहा था। उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तकनीकी और मानवीय स्रोतों की मदद से लगातार निगरानी की गई।
डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा के निर्देश पर इंस्पेक्टर सतीश मलिक के नेतृत्व में गठित टीम, जिसमें एसआई देवेंद्र कादियान और एचसी अजय शामिल थे, ने आरोपी की तलाश शुरू की। जांच में मिली गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने चंदर विहार इलाके में जाल बिछाया।
पुलिस टीम ने हिमगिरि एन्क्लेव स्थित गली नंबर-7 के पास आरोपी को आते हुए देखा। पुलिस को देखकर उसने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने पीछा कर उसे दबोच लिया।
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी ऑटो-रिक्शा चालक के रूप में काम कर रहा था। उसकी पहचान और रिकॉर्ड का सत्यापन तिहाड़ जेल से किया गया, जिसके बाद उसे कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोबारा जेल भेज दिया गया। आरोपी को अभी इस मामले में करीब ढाई वर्ष की सजा और काटनी है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ चोरी और एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच का कहना है कि यह कार्रवाई फरार अपराधियों और पैरोल जंपरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि लगातार खुफिया जानकारी जुटाने, तकनीकी निगरानी और जमीनी स्तर पर की गई कार्रवाई के कारण लंबे समय से फरार आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली है।
--आईएएनएस
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