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दीपावली और छठ पर डीडीयू जंक्शन पर यात्रियों की भीड़, बाथरूम तक में बैठे लोग

चंदौली, 6 नवंबर (आईएएनएस)। दीपावली और छठ पूजा से पहले दीनदयाल (डीडीयू) जंक्शन पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। पुरुषोत्तम एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं है, लोग बाथरूम तक में बैठकर सफर करने को मजबूर हैं। यात्रियों का कहना है कि 12-13 घंटे से एक ही जगह बैठे हैं, हिल भी नहीं पा रहे और महिलाओं-बच्चों की हालत ज्यादा खराब है। टिकट कंफर्म नहीं हो रहे, वेटिंग 276 तक पहुंच गई है और स्पेशल ट्रेनें भी पर्याप्त नहीं हैं।
 

चंदौली, 6 नवंबर (आईएएनएस)। दीपावली और छठ पूजा से पहले दीनदयाल (डीडीयू) जंक्शन पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। पुरुषोत्तम एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं है, लोग बाथरूम तक में बैठकर सफर करने को मजबूर हैं। यात्रियों का कहना है कि 12-13 घंटे से एक ही जगह बैठे हैं, हिल भी नहीं पा रहे और महिलाओं-बच्चों की हालत ज्यादा खराब है। टिकट कंफर्म नहीं हो रहे, वेटिंग 276 तक पहुंच गई है और स्पेशल ट्रेनें भी पर्याप्त नहीं हैं।

दीपावली और छठ पूजा से पहले डीडीयू जंक्शन पर यात्रियों की भारी भीड़ के बीच एक पैसेंजर कृष्णा कुमार ने कहा, "हम पुरुषोत्तम एक्सप्रेस से आनंद विहार से धनबाद जा रहे हैं। ट्रेन में बहुत असुविधा हो रही है। बैठने की जगह नहीं है और बाथरूम जाने की जगह भी नहीं है। बाथरूम में लोग बैठे हैं। एक बाथरूम खाली है, उसमें पानी भी नहीं है। बहुत दिक्कत हो रही है। 12-13 घंटे से एक ही जगह बैठे हैं और हिल भी नहीं पा रहे हैं। हम लोग तो किसी तरह बैठे भी हैं, लेकिन महिलाओं की स्थिति और खराब है।"

उन्होंने कहा कि बहुत ज्यादा परेशानी है। अब क्या ही बताएं, आप लोग खुद देख रहे हैं कि लोग किसी तरह सफर कर पा रहे हैं। छठ पूजा में घर जा रहे हैं और अभी आगे भी भीड़ बढ़ेगी। सरकार कुछ ऐसा करे कि आने-जाने में कोई असुविधा न हो।

एक अन्य पैसेंजर विशाल कुमार ने कहा कि मैं प्रयागराज से पटना जा रहा हूं। ना तो सीट मिली, ना ट्रेन टिकट कंफर्म हुआ। तत्काल में टिकट कराया था, वो भी कंफर्म नहीं हुआ। स्थिति ऐसी है कि दो महीने पहले कटी हुई टिकट भी कंफर्म नहीं हुई।

एक अन्य पैसेंजर ने कहा कि आप देख सकते हैं, खड़ा होने के लिए भी जगह नहीं है। परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है। इससे कोई फायदा नहीं हो रहा है। इतने लोग जा रहे हैं, लेकिन पर्याप्त ट्रेनें नहीं हैं। स्पेशल ट्रेनें भी पर्याप्त नहीं हैं। सभी को पता है कि अगर पर्याप्त स्पेशल ट्रेनें चलेंगी तो लोग उनसे यात्रा करेंगे। कोई भी ऐसी स्थिति में सफर नहीं करना चाहता, जहां पैर रखने तक की जगह न हो।

उन्होंने कहा कि सब इतने पढ़े-लिखे हैं कि अगर पर्याप्त स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं तो भीड़ कम हो सकती है। लेकिन ट्रेनें उपलब्ध ही नहीं हैं, समय पर नहीं चल रही हैं या कोई और समस्या है। अगर सरकार के पास इसका समाधान होता, तो शायद हम लोग बेहतर तरीके से यात्रा कर पाते और यह समस्या नहीं आती।

एक पैसेंजर ने कहा कि हम दिल्ली से सुबह 10:45 बजे से खड़े हैं और अभी तक खड़े ही हैं। दीपावली में घर जाना है। कम से कम सरकार को दीपावली और छठ जैसे त्योहारों पर अतिरिक्त ट्रेनें चलानी चाहिए। जनसंख्या के हिसाब से पर्याप्त ट्रेनें होनी चाहिए।

एक अन्य यात्री ने कहा कि आनंद विहार से बिहार जा रहे हैं। परेशानी तो बहुत है। बैठने की जगह नहीं मिल रही है। पानी की व्यवस्था नहीं है, शौचालय जाने में भी दिक्कत है। मैं नवविवाहित हूं और आनंद विहार से यात्रा कर रहा हूं। ट्रेन की बोगियों में जहां 100 लोगों के बैठने की क्षमता है, वहां 300 से ज्यादा लोग सफर कर रहे हैं। बाथरूम में पानी नहीं है। किसी तरह पानी का इंतजाम भी कर लें, तो अंदर इतनी बदबू है कि बयान नहीं कर सकते।

--आईएएनएस

केके/एबीएम