डीडीए का एक्शन प्लान : सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया तो बिना नोटिस चलेगा बुलडोजर, खर्च भी वसूला जाएगा
नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने जमीनों पर बढ़ते अवैध कब्जों और अतिक्रमण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। डीडीए ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर साफ कर दिया है कि उसकी सभी जमीनें सरकारी संपत्ति हैं और उन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा, निर्माण, मलबा डालना, सामान रखना या अनधिकृत पार्किंग चलाना पूरी तरह गैरकानूनी है।
डीडीए ने कहा कि दिल्ली विकास अधिनियम, 1957 के तहत उसकी सभी भूमि सरकारी जमीन है। ऐसे में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति या संस्था इन जमीनों पर कब्जा नहीं कर सकती, कोई निर्माण नहीं कर सकती और न ही किसी अन्य उद्देश्य के लिए उनका इस्तेमाल कर सकती है।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था डीडीए की जमीन पर अवैध कब्जा करती है या उसका गैरकानूनी इस्तेमाल करती है, तो बिना किसी अतिरिक्त पूर्व सूचना के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। यह पूरी कार्रवाई अतिक्रमण करने वाले के जोखिम, जिम्मेदारी और खर्च पर होगी।
डीडीए ने यह भी कहा है कि अतिक्रमण हटाने, अवैध निर्माण तोड़ने और कब्जा हटाने में आने वाला पूरा खर्च भी संबंधित कब्जाधारक से भूमि राजस्व के बकाये की तरह वसूला जाएगा। यह सार्वजनिक नोटिस सभी अवैध कब्जाधारकों के लिए स्थायी नोटिस माना जाएगा।
प्राधिकरण ने आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे डीडीए की किसी भी जमीन पर अवैध कब्जा न करें और न ही बिना कानूनी जांच-पड़ताल के ऐसी किसी संपत्ति की खरीद, बिक्री, हस्तांतरण या विज्ञापन करें। यदि किसी ने पहले से डीडीए की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है, तो उसे तुरंत स्वयं हटा लेना चाहिए।
डीडीए ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें अवैध निर्माणों को ध्वस्त करना, अतिक्रमण हटाना, नुकसान की भरपाई और मेस्ने प्रॉफिट (अनधिकृत कब्जे से हुए लाभ की वसूली) शामिल होगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर अभियोजन भी चलाया जाएगा।
साथ ही, डीडीए ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी उसकी जमीन पर अवैध कब्जा या अतिक्रमण दिखाई दे, तो इसकी जानकारी तुरंत संबंधित डीडीए कार्यालय, डीडीए-311 मोबाइल ऐप या डीडीए की निर्धारित शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से दें।
--आईएएनएस
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