दानिश पंडोर ने मुकेश छाबड़ा के लिए लिखा इमोशनल नोट, कहा—वह एक फोन कॉल हमेशा याद रहेगा
मुंबई, 24 मार्च (आईएएनएस)। अभिनेता दानिश पंडोर इन दिनों स्पाई एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। फिल्म में उन्होंने उजैर बलोच का किरदार निभाया है, जो एक खूंखार, शांत और बहुत चालाक गैंगस्टर होता। फिल्म रिलीज होने के बाद दानिश पेंडोर की हर तरफ तारीफ हो रही है। लोग उनके अभिनय की खूब सराहना कर रहे हैं। फिल्म में दानिश को मशहूर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा लेकर आए थे।
मंगलवार को दानिश ने फिल्म में उन्हें चुनने वाले कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा को धन्यवाद दिया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर मुकेश के साथ एक तस्वीर पोस्ट की। इस पोस्ट के साथ दानिश ने लिखा, "मुकेश छाबड़ा भाई, आपका बहुत बहुत धन्यवाद कि आपने मुझ पर भरोसा करने और मुझे इस खास प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के लिए चुना। यह एक 'फोन कॉल' और एक हां का 'जवाब' लंबे समय तक दिल में रहेगा।"
दानिश ने आगे लिखा, "मुझ पर मुझ पर विश्वास करने और मेरे लिए यह नया रास्ता खोलने के लिए शुक्रिया। इस मौके का मतलब सिर्फ एक रोल से कहीं ज्यादा था। मैं हमेशा आपका और आपकी पूरी टीम का आभारी रहूंगा। आपकी पूरी टीम को जादुई अनुभव देने के लिए दिल से धन्यवाद।"
दानिश के पोस्ट को हर कोई पसंद कर रहा है। फैंस के साथ साथ कई सेलेब्स और दानिश के इंडस्ट्री के दोस्तों ने प्रतिक्रिया दी।
फिल्म में एक्शन, ड्रामा और जासूसी के तत्वों का अच्छा मिश्रण है। 'धुरंधर: द रिवेंज' ने दानिश पेंडोर को नई पहचान दी है। यह फिल्म हर किसी को पसंद आ रही है। फिल्म में आदित्य धर ने काफी मेहनत की है, जिस वजह से लोग सिनेमाघरों में खींचे चले जा रहे हैं, लेकिन कुछ ऐसे पॉइंट्स भी हैं, जो शायद फिल्म को लेकर आदित्य धर की स्ट्रेटजी अभी तक किसी ने नोटिस नहीं की होगी।
'धुरंधर: द रिवेंज' में यामी के नर्स वाले किरदार का नाम शाजिया बानो है, जो कि फिल्म 'हक' में भी उनके मुख्य किरदार का नाम था। वहीं, रणवीर सिंह के कैरेक्टर का नाम जसकीरत सिंह है, जो आदित्य धर की पहली निर्देशित फिल्म 'उरी' में एक सीन के दौरान इस नाम पर डिस्कशन हुआ था।
भले ही फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' में ये दोनों कैरेक्टर आपस में जुड़े न हों, लेकिन प्रोमो और सोशल मीडिया मीम्स और वायरल वीडियो में इसे कनेक्ट किया जा रहा है ताकि दर्शकों में इसे जानने की जिज्ञासा पैदा हो और वे फिल्म देखने के लिए सिनेमाघरों में आएं।
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