Aapka Rajasthan

दमोह में गो-हत्या के विरोध में हिंदू संगठनों का ज्ञापन, अवैध मीट दुकानों पर कार्रवाई की मांग

दमोह, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। गो-हत्या और कथित गौ तस्करी के खिलाफ हिंदू संगठनों ने दमोह में प्रशासन को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की। संगठनों ने 3 अक्टूबर को गर्भवती गाय की हत्या की घटना का हवाला देते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, अवैध मीट की दुकानों को हटाने, संबंधित लोगों पर एनएसए के तहत कार्रवाई और शहर में घूम रहे आवारा मवेशियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
 

दमोह, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। गो-हत्या और कथित गौ तस्करी के खिलाफ हिंदू संगठनों ने दमोह में प्रशासन को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की। संगठनों ने 3 अक्टूबर को गर्भवती गाय की हत्या की घटना का हवाला देते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, अवैध मीट की दुकानों को हटाने, संबंधित लोगों पर एनएसए के तहत कार्रवाई और शहर में घूम रहे आवारा मवेशियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

ज्ञापन के बाद बजरंग दल के सदस्य नित्या प्यासी ने मीडिया को कहा कि 3 अक्टूबर को एक गर्भवती गौ माता की हत्या की गई। गाय के गर्भ से बच्चा भी निकाला गया और उसका सिर वहीं छोड़ दिया गया। गौ सेवकों ने एक अन्य गाय को बरामद किया है, जिसका फिलहाल इलाज कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में लगातार गौ तस्करी और गो-हत्या की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन को ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। आरोपियों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की जाए। साथ ही, जिन लोगों पर गो-हत्या का आरोप है, उनसे पूछताछ कर यह पता लगाया जाए कि कथित तौर पर मांस किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।

उन्होंने यह भी मांग की कि यदि किसी होटल या अन्य स्थान पर गो-मांस मिलने की पुष्टि होती है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और गो-हत्या से जुड़े कानूनों के तहत उन्हें भी आरोपी बनाया जाए। प्यासी ने कहा कि इस मामले में केवल प्रत्यक्ष आरोपियों तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे नेटवर्क की जांच होनी चाहिए।

बजरंग दल सदस्य ने शहर में सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास गाय हैं, उनकी जिम्मेदारी है कि वे उनका पालन-पोषण करें और उन्हें सड़कों पर न छोड़ें। उन्होंने गौ पालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की गई। कसाई मंडी से जुड़े अतिक्रमण का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि करीब 110 लोगों को अवैध अतिक्रमण को लेकर नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अब तक उन पर कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से इन अतिक्रमणों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

वहीं, एसडीएम सौरभ गंधर्व ने बताया कि हिंदू संगठनों ने 3 अक्टूबर की घटना को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में अलग-अलग मांगें रखी गई हैं और प्रशासन सभी मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई करने का प्रयास करेगा।

एसडीएम ने बताया कि संगठनों ने शहर के अलग-अलग स्थानों, गलियों और चौराहों पर बिना अनुमति मांस तथा बिरयानी जैसी चीजों की बिक्री किए जाने के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा, 3 अक्टूबर की घटना में जो भी लोग संलिप्त पाए जाएं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग भी ज्ञापन में की गई है।

एनएसए के तहत कार्रवाई की मांग पर एसडीएम ने कहा कि ज्ञापन में इसका भी उल्लेख किया गया है। इस संबंध में जो भी कार्रवाई नियमानुसार संभव होगी, उसके लिए पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को अवगत कराया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

--आईएएनएस

पीएसके