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दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में केरल सीएम की सलाह, 'राज्यों को अपने लोगों से जुड़े मुद्दों पर एकजुट रहना चाहिए'

चेन्नई, 20 अगस्त (आईएएनएस)। केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में केंद्र से ज्यादा आर्थिक मदद और ज्यादा निष्पक्ष संघीय ढांचे की पुरजोर वकालत की।
 

चेन्नई, 20 अगस्त (आईएएनएस)। केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में केंद्र से ज्यादा आर्थिक मदद और ज्यादा निष्पक्ष संघीय ढांचे की पुरजोर वकालत की।

उन्होंने स्वास्थ्य सेवा के लिए फंडिंग और टोल शुल्क से लेकर तटीय कटाव, रेल कनेक्टिविटी और ऑफशोर माइनिंग जैसे कई मुद्दों को उठाया। सबसे तीखी आलोचना आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर हुई।

मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि केरल ने पिछले पॉलिसी साल में इस योजना के तहत लगभग 1,493 करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि नेशनल हेल्थ अथॉरिटी से मिली मदद सिर्फ 151 करोड़ रुपए थी, जिससे राज्य को खर्च का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा खुद उठाना पड़ा।

उन्होंने एक जैसे राष्ट्रीय प्रीमियम के बजाय राज्य-विशिष्ट प्रीमियम, पात्रता को नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के डेटाबेस से जोड़ने और केंद्र द्वारा प्रायोजित लाभार्थियों पर हुए वास्तविक खर्च के आधार पर केंद्रीय हिस्से में संशोधन की मांग की।

उन्होंने केरल राज्य सड़क परिवहन निगम के लिए वित्तीय राहत की भी मांग की। उन्होंने बताया कि केएसआरटीसी ने दूरदराज के इलाकों में सेवाएं देने जैसी जरूरी सार्वजनिक सेवाएं चलाने के बावजूद, सिर्फ जून महीने में ही 2.16 करोड़ रुपए से ज्यादा टोल शुल्क का भुगतान किया।

मुख्यमंत्री ने राज्य परिवहन उपक्रमों के लिए या तो टोल से पूरी छूट या फिर काफी रियायती दरों की मांग की। उन्होंने तटीय कटाव को केरल के लिए जलवायु से जुड़ी सबसे गंभीर समस्याओं में से एक बताया, इसे परिषद के सामने रखा और एक अहम मुद्दा बताया।

लगभग 586 किलोमीटर लंबी तटरेखा और उसमें से लगभग 63 प्रतिशत हिस्से के कटाव की चपेट में होने का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि हजारों मछुआरा परिवारों को बार-बार अपने घर और रोजी-रोटी खोने का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने केंद्र से आपदा प्रतिक्रिया और रोकथाम कोष के तहत तटीय सुरक्षा और कटाव से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की अनुमति देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने थालासेरी-मैसूर और निलंबुर-नंजनगुड रेलवे लाइनों के कामों में भी तेजी लाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि केरल ने अपनी तरफ से शुरुआती काम पूरा कर लिया है और अलाइनमेंट तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में कर्नाटक और रेल मंत्रालय का सहयोग मांगा।

केरल को कर्नाटक और तमिलनाडु से जोड़ने वाले जंगलों से गुजरने वाले रास्तों पर रात में यातायात पर लगी पाबंदियों के मामले में, मुख्यमंत्री ने पूरी तरह से रोक लगाने का विरोध किया। इसके बजाय, उन्होंने वैज्ञानिक रूप से तय किए गए सबसे कम संवेदनशील समय और नियंत्रित काफिले की आवाजाही का सुझाव दिया, ताकि वन्यजीव संरक्षण और लोगों की आवाजाही के बीच संतुलन बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि केरल तट के पास समुद्र में मौजूद खनिज ब्लॉकों की नीलामी तब तक न की जाए, जब तक कि कठोर वैज्ञानिक मूल्यांकन और एक मजबूत मानक संचालन प्रक्रिया लागू न कर दी जाए। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि केरल ने मंजूर किए गए 56 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में से 54 को चालू कर दिया है, जिनमें 14 ई-पोक्सो कोर्ट भी शामिल हैं। साथ ही तय समय-सीमा के भीतर जांच पूरी करने का आंकड़ा 78 प्रतिशत से ज्यादा हो गया है।

उन्होंने फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट स्कीम को जारी रखने और उसके लिए पक्का फंड देने की मांग की।

मुख्यमंत्री सतीशन ने बच्चों के पोषण, एनीमिया की रोकथाम और स्कूल में बच्चों के बने रहने (स्कूल रिटेंशन) के मामलों में केरल के अच्छे प्रदर्शन का भी जिक्र किया। साथ ही, उन्होंने नशीले पदार्थों की तस्करी, संगठित अपराध, अवैध प्रवास और नए तरह के साइबर खतरों से निपटने के लिए राज्यों के बीच बेहतर तालमेल का प्रस्ताव रखा।

उन्होंने सुझाव दिया कि दक्षिण का हर राज्य एक सीनियर पुलिस अधिकारी को 'इंटर-स्टेट पुलिस नोडल ऑफिसर' बनाए, ताकि रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग, जॉइंट ऑपरेशन और बॉर्डर पर मिलकर पेट्रोलिंग करने में आसानी हो।

मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि दक्षिणी राज्यों को अपने लोगों से जुड़े मुद्दों पर एकजुट रहना चाहिए और केंद्र के साथ मिलकर ऐसे समाधान खोजने चाहिए, जिनसे सभी को फायदा हो।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम