दक्षिण-पूर्वी दिल्ली पुलिस ने 72 घंटे में सुलझाया गोविंदपुरी का ‘ब्लाइंड डबल मर्डर’ केस
नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस ने गोविंदपुरी थाना क्षेत्र में हुए नृशंस डबल मर्डर मामले को मात्र 72 घंटे के अंदर सुलझा दिया। 20 और 21 मई की दरमियानी रात को अपने घर में ही एक महिला और उसके 13 वर्षीय बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने आरोपी सौरभ साहू (28) को तुगलकाबाद एक्सटेंशन में पुलिस टीम के साथ हुई गोलीबारी के बाद गिरफ्तार कर लिया। सौरभ साहू मृत महिला का सगा चचेरा भाई है।
22 और 23 मई की दरमियानी रात को संगम विहार निवासी आरोपी की सूचना पर पुलिस की टीम ने तुगलकाबाद एक्सटेंशन के ‘घाटी वाला पार्क’ के पास घेराबंदी की। आरोपी को आत्मसमर्पण करने का मौका दिया गया, लेकिन उसने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी में आरोपी ने चार राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली सब-इंस्पेक्टर यशपाल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से एसआई यशपाल बाल-बाल बच गए। पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई में तीन राउंड गोलियां चलाईं और आरोपी को घायल हालत में गिरफ्तार कर लिया। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आरोपी के पास से एक अवैध देसी पिस्तौल, चली हुई गोलियों के खाली खोखे, वारदात के समय पहने हुए कपड़े और अन्य अहम सबूत बरामद किए गए।
दिल्ली पुलिस की पूछताछ में आरोपी सौरभ साहू ने खुलासा किया कि उसने ईर्ष्या और निजी रंजिश के चलते उस महिला और उसके 13 वर्षीय बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी थी। उसने बताया कि मृत महिला उसे उसकी नशे की लत और आपराधिक गतिविधियों को छोड़ने के लिए लगातार समझाती-बुझाती रहती थी, जिससे वह नाराज था। आरोपी ने छीन-झपट (स्नैचिंग), चोरी और 'हथियार अधिनियम' के तहत दर्ज पिछले मामलों में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की। मामले में आगे की जांच जारी है।
पुलिस आरोपी के पास से अपराध को अंजाम देने में इस्तेमाल की गई एक अवैध देसी पिस्तौल, मुठभेड़ के दौरान आरोपी द्वारा चलाई गई गोलियों के खाली खोखे, और आरोपी के कब्जे से बरामद की गई जिंदा गोलियां (कारतूस) बरामद की। दोहरे हत्याकांड से संबंधित खून से सने कपड़े और अन्य साक्ष्य भी बरामद किए गए।
आरोपी सौरभ साहू का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और यह चोरी, झपटमारी तथा लूट सहित कुल 4 मामलों में संलिप्त पाया गया है।
--आईएएनएस
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