दही, प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स से घट सकता है कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा, नई स्टडी में बड़ा खुलासा
नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। खाने-पीने की आदतों का हमारी सेहत पर सीधा असर पड़ता है। अब एक नई रिसर्च में सामने आया है कि दही, प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स जैसे खाद्य पदार्थ आंतों की सेहत को बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं और इनका सेवन कोलोरेक्टल कैंसर (आंत और मलाशय का कैंसर) के खतरे को कम कर सकता है।
यह शोध चंग शान मेडिकल यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल रिसर्च प्रोग्राम के सहयोग से किया गया था। इस स्टडी में 50 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों पर ध्यान दिया गया। शोधकर्ताओं ने अमेरिका के नेशनल हेल्थ एंड न्यूट्रिशन एग्जामिनेशन सर्वे (एनएचएएनएस) के साल 2001 से 2020 तक के आंकड़ों का अध्ययन किया। इसमें करीब 9,405 लोगों को शामिल किया गया, जो अमेरिका की लगभग 3.7 करोड़ वयस्क आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।
शोधकर्ताओं ने लोगों की डाइट, सप्लीमेंट लेने की आदतों और कोलोरेक्टल कैंसर के इतिहास से जुड़ी जानकारी का विश्लेषण किया। इसके अलावा उम्र, लिंग, खान-पान की दूसरी आदतें, धूम्रपान, वजन, शारीरिक स्थिति और अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारकों को भी ध्यान में रखा गया, ताकि परिणाम ज्यादा सटीक हो सकें।
स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों ने प्रोबायोटिक्स, प्रीबायोटिक्स या दही का सेवन किया, उनमें कोलोरेक्टल कैंसर की संभावना लगभग 50 प्रतिशत तक कम देखी गई। शोधकर्ताओं के अनुसार, इसका एक कारण आंतों में मौजूद माइक्रोबायोटा यानी अच्छे और खराब बैक्टीरिया के संतुलन पर इन खाद्य पदार्थों का सकारात्मक असर हो सकता है।
प्रोबायोटिक्स ऐसे जीवित सूक्ष्मजीव होते हैं जो शरीर में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करते हैं। वहीं, प्रीबायोटिक्स ऐसे फाइबर होते हैं जो इन अच्छे बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करते हैं। दही जैसे फर्मेंटेड फूड्स में भी ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।
हालांकि, शोधकर्ताओं ने यह भी साफ किया है कि यह स्टडी सिर्फ एक संबंध को दिखाती है, इससे यह साबित नहीं होता कि दही या प्रोबायोटिक्स सीधे तौर पर कैंसर को रोकते हैं। चूंकि यह रिसर्च पुराने आंकड़ों पर आधारित थी, इसलिए लंबे समय तक लोगों का अध्ययन करने वाली और रिसर्च की जरूरत है।
फिर भी, यह अध्ययन इस बात की ओर इशारा करता है कि संतुलित खान-पान और आंतों की अच्छी सेहत कैंसर से बचाव की रणनीति में अहम भूमिका निभा सकती है। रोजमर्रा की डाइट में दही, फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ और आंतों के लिए फायदेमंद चीजों को शामिल करना सेहत के लिए लाभकारी हो सकता है।
--आईएएनएस
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