दही-हांडी के दौरान नॉइज पॉल्यूशन के लिए 31 केस दर्ज किए गए, गणेशोत्सव की तैयारी तेज
पुणे, 10 सितंबर (आईएएनएस)। पुणे के एडिशनल पुलिस कमिश्नर सारंग आव्हाड ने कहा कि दही हांडी के दौरान नॉइज पॉल्यूशन के नियमों का उल्लंघन करने के लिए गणेश मंडलों और डीजे ऑपरेटरों के खिलाफ 31 केस दर्ज किए गए हैं और गणेशोत्सव के दौरान भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए एडिशनल पुलिस कमिश्नर सारंग आव्हाड ने कहा, "दही हांडी के दौरान ध्वनि प्रदूषण को लेकर हम लोगों की ओर से रीडिंग ली गई थी। जहां भी ध्वनि प्रदूषण की लिमिट क्रॉस की गई थी। उन मंडलों पर कार्रवाई की गई है। पुलिस की ओर से पदाधिकारियों, डीजे ऑपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अब तक 31 केस दर्ज किए जा चुके हैं। आगे भी पुलिस की ओर से कार्रवाई जारी रहेगी।"
एडिशनल पुलिस कमिश्नर सारंग आव्हाड ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के नियम के मुताबिक 40 डेसिबल से 75 डेसिबल तक की सीमा है। दिन और रात के दौरान भी फर्क है। इसको चार जोन में बांटा गया है: शांतता जोन, रेसिडेंसियल जोन, कमर्शियल जोन और इंडस्ट्रीयल जोन। इंडस्ट्रीयल जोन की लिमिट सबसे ज्यादा है और शांतता जोन की लिमिट 40 डेसिबल तक की है। लेजर लाइट को लेकर भी हमारी ओर से कार्रवाई की जाएगी।
सारंग आव्हाड ने आगे कहा, "गणेशोत्सव की तैयारी की जा रही है। हमारी ओर से कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ ही डीजे मालिकों की मीटिंग ली गई है। उनको ये बातें और नियम समझाए गए हैं।"
मुंबई में गणेशोत्सव की तैयारियां तेजी से की जा रही है। मुंबई के सबसे चर्चित और प्रतिष्ठित मंडलों में लालबागचा का नाम सबसे पहले लिया जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं। गणपति मंडलों में गणेश गल्ली का मुंबईचा राजा भी बेहद खास माना जाता है। इस मंडली की पहचान आकर्षक थीम और भव्य सजावट है।
--आईएएनएस
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