साइबर फ्रॉड मामले में सिम उपलब्ध कराने वाले तीन आरोपी इंदौर से गिरफ्तार
इंदौर 19 अगस्त (आईएएनएस) महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में हुए लगभग 85 लाख के साइबर फ्रॉड मामले में इंदौर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है और इसमें उपयोग की गई सिम की आपूर्ति करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इंदौर की अपराध शाखा ने ऑपरेशन फास्ट 2.0 के तहत बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई भारत सरकार के गृह मंत्रालय से मिली सूचना के आधार पर की गई है । राज्य सरकार के साइबर सेल को साइबर फ्रॉड में प्रयुक्त होने वाली मोबाइल सिम की सूची मिली थी जिसकी खोजबीन की गई तो पता चला कि इसमें प्रयुक्त तीन सिम इंदौर से जारी हुई है।
अपराध शाखा की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया है कि भोपाल के राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रदाय की गई सूची की तस्दीक करते हुए मालवा मिल के पास यशवंत रोड स्थित राऊत कलेक्शन जांच की गई। जांच के दौरान दुकान संचालक राजेन्द्र राऊत की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस की अपराध शाखा ने जांच के दौरान उक्त दुकान से संबंधित कुल चार संदिग्ध मोबाइल नंबर चिन्हित किए गए। उक्त संदिग्ध मोबाइल नंबरों से संबंधित सिम के उपयोग एवं उपलब्ध कराए जाने की दिशा में जांच करने पर अन्य आरोपियों की संलिप्तता भी सामने आई।
इस पर पुलिस ने राजेंद्र के अलावा आनंद वासरे, सूरज सिंह को गिरफ्तार किया । पुलिस द्वारा की गई जांच एवं उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पाया गया कि चिन्हित चार संदिग्ध मोबाइल नंबरों से संबंधित सिम कार्ड का उपयोग साइबर अपराधों में किया गया है। उक्त संदिग्ध मोबाइल नंबरों से संबंधित जानकारी का एनसीआरपी पोर्टल पर उपलब्ध शिकायतों से मिलान किया गया तो महाराष्ट्र एवं पश्चिम बंगाल में हुए लगभग 85 लाख रुपए के साइबर फ्रॉड से जुड़ाव पाया गया।
क्राइम ब्रांच द्वारा उक्त सिम कार्ड के जारी होने, उपयोग, संबंधित व्यक्तियों तथा साइबर फ्रॉड में इनके इस्तेमाल की कड़ियों की विस्तृत जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर सिम उपलब्ध कराने वाले अन्य व्यक्तियों, साइबर फ्रॉड नेटवर्क तथा संबंधित बैंक खातों एवं वित्तीय लेन-देन के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही, महाराष्ट्र एवं पश्चिम बंगाल में दर्ज संबंधित साइबर फ्रॉड शिकायतों के संबंध में संबंधित पुलिस इकाइयों से समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
--आईएएनएस
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