क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने इंटरनेशनल फुटबॉल से किया संन्यास का ऐलान, पुर्तगाल के लिए दागे सर्वाधिक गोल
नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। पुर्तगाल के स्टार फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का ऐलान कर दिया है। रोनाल्डो ने अपने संन्यास की जानकारी सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो शेयर करते हुए दी।
रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू साल 2003 में किया था। इसके बाद से उन्होंने टीम की ओर से खेलते हुए कई बड़े रिकॉर्ड्स कायम किए। खिलाड़ी के साथ-साथ रोनाल्डो ने पुर्तगाल टीम की कप्तानी भी की और उनकी अगुवाई में टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। रोनाल्डो ने अपने 232 मैचों के करियर में कुल 146 गोल किए। पुर्तगाल की ओर से सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड भी रोनाल्डो के ही नाम है।
रोनाल्डो की अगुवाई में पुर्तगाल ने साल 2016 में यूरो कप का खिताब अपने नाम किया था। रोनाल्डो ने संन्यास लेने के अपने इस फैसले को खुद के लिए बेहद कठिन निर्णय बताया। उन्होंने अपने इंटरनेशनल करियर के दौरान उनका समर्थन करने वाले लोगों का भी धन्यवाद किया।
रोनाल्डो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शेयर किए गए वीडियो में कहा, "पुर्तगाल के लोगों, अब समय आ गया है कि नेशनल टीम की नंबर 7 जर्सी आप सभी को वापस सौंप दी जाए। मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि यह सिर्फ मेरी है, लेकिन 23 वर्षों तक मुझे इसे पहनने, इसका मान रखने और दुनिया भर के स्टेडियमों में इसे अपने साथ ले जाने का सौभाग्य और जिम्मेदारी मिली। आज इसे भविष्य को सौंपने का समय आ गया है।"
अपने सफर को याद करते हुए रोनाल्डो ने माना कि उनके करियर में कई यादगार जीतें रहीं, तो कुछ मुश्किल पल भी आए। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि नेशनल टीम के प्रति उनका समर्पण कभी कम नहीं हुआ। उन्होंने कहा, "कुछ बेहतरीन दिन और रातें थीं, ऐसी जीतें थीं, जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकता, और कुछ ऐसी हार भी थीं, जिन्हें याद करना आज भी मुश्किल लगता है। मुझसे गलतियां भी हुईं, मुझे तकलीफें भी झेलनी पड़ीं और कई बार ऐसा भी हुआ, जब मैं पुर्तगाल के लोगों को वह नहीं दे पाया, जिसकी उन्हें बहुत उम्मीद थी। मगर मैंने कभी हार नहीं मानी। सबसे बड़ी बात, पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व करने पर मुझे हमेशा गर्व महसूस होता रहा।"
उन्होंने अपने इंटरनेशनल सफर के दौरान साथ देने के लिए अपने साथियों, कोचों, सपोर्ट स्टाफ और परिवार का भी धन्यवाद किया। रोनाल्डो ने कहा, "उन सभी कोचों, डॉक्टरों, फिजियोथेरेपिस्ट, ड्रेसर्स, कर्मचारियों और उन तमाम लोगों का शुक्रिया, जिन्होंने इतने वर्षों तक मेरे साथ काम किया है। आपमें से कई लोग कभी तस्वीरों में नहीं दिखे, लेकिन आपके बिना इनमें से कोई भी तस्वीर मुमकिन नहीं होती। मेरे परिवार को भी धन्यवाद, जिन्होंने मेरे साथ इस सपने को साझा किया।"
रोनाल्डो ने आगे कहा, "मेरी गैर-मौजूदगी को समझने, बलिदान देने और उन पलों को स्वीकार करने के लिए धन्यवाद, जब राष्ट्रीय टीम को उस जगह की जरूरत पड़ी, जो असल में आपकी थी। अगर मैं यहां तक पहुंच पाया, तो इसलिए क्योंकि आप हमेशा मेरे साथ खड़े रहे।"
रोनाल्डो के संन्यास से पुर्तगाल के लिए एक युग का अंत हो गया है और अब राष्ट्रीय टीम की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी के कंधों पर आ गई है।
हालांकि, रोनाल्डो ने यह साफ कर दिया कि इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने के बाद भी देश के साथ उनका जुड़ाव वैसा ही बना रहेगा। उन्होंने कहा, "आज मैं राष्ट्रीय टीम के साथ मैदान पर अपना सफर खत्म कर रहा हूं, मैं अपना सिर ऊंचा करके जा रहा हूं, अपने तय किए गए रास्ते पर गर्व महसूस करते हुए और इस संतुष्टि के साथ कि मैंने पुर्तगाल के लिए अपना सब कुछ दे दिया। मगर मैं हमेशा आपमें से ही एक बना रहूंगा।"
उन्होंने आगे कहा, "आज मुझे एहसास हो रहा है कि मेरी सबसे बड़ी जीत यह थी कि मुझे दुनिया के सबसे बेहतरीन देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। इन 23 वर्षों के लिए धन्यवाद। मुझ पर भरोसा करने के लिए धन्यवाद।"
--आईएएनएस
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