क्रिकेट खेलने के लिए पिता ने मांगा था प्रफुल्ल हिंगे से 'वादा', विजय हजारे ट्रॉफी में हार्दिक से मिला खास मैसेज
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के 21वें मैच में सनराइजर्स हैदरदाबाद (एसआरएच) के तेज गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे को डेब्यू का मौका मिला, जिसके पहले ही ओवर में उन्होंने 3 विकेट निकाले। इस पूरे मैच में हिंगे ने 34 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। अपने आईपीएल डेब्यू मैच में जबरदस्त प्रदर्शन के लिए हिंगे को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
'जियोहॉटस्टरार' के 'टाटा आईपीएल: ड्रीम ऑन' पर प्रफुल्ल हिंगे ने अपनी क्रिकेट यात्रा की शुरुआत को याद करते हुए बताया कि जब वह छठी क्लास में थे, तो पिता को बताया कि वह क्रिकेट खेलना चाहते हैं। पिता ने प्रफुल्ल से कहा कि वह फिलहाल बहुत छोटे हैं और एक साल इंतजार करने को कहा। हालांकि, पिता ने बेटे को टेनिस बॉल से खेलने के लिए एक बैट लाकर दिया।
टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलने वाले प्रफुल्ल को नहीं पता था कि सीजन बॉल से कैसे खेला जाता है। अगले साल, परीक्षाओं के बाद, पिता ने प्रफुल्ल का दाखिला एक समर कैंप में करवा दिया।
प्रफुल्ल ने बताया, "मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया और खूब खेला। तभी मुझे पता चला कि अगर तेज गेंदबाजी करनी है तो अपनी बांह को घुमाना पड़ता है। इससे पहले मुझे यह बात नहीं पता थी। दो महीने बाद, मेरे पिताजी ने कहा, 'यह तुम पर निर्भर करता है कि तुम इसे जारी रखना चाहते हो या नहीं।' मैंने कहा, 'मैं खेलना चाहता हूं।' उन्होंने मुझसे कहा कि मुझे स्कूल, पढ़ाई और क्रिकेट, तीनों को एक साथ संभालना होगा, और मैं जो कुछ भी जरूरी था, उसे करने के लिए तैयार था। पहले दिन, उन्होंने मुझे क्लब में छोड़ा, और उसके बाद, मैं खुद ही जाता रहा। वह केवल तभी आते, जब फीस जमा करनी होती थी, वह ज्यादा दखल नहीं देते थे, लेकिन उनका हमेशा सपोर्ट था।"
प्रफुल्ल हिंगे को 2 साल से एमआरएफ पेस एकेडमी की तरफ से फोन आ रहे थे, लेकिन वह गए नहीं। आखिरकार जिस साल गए, उस साल चोटिल थे। वहां के फिजियो, नवीन बाबू ने जांच की और बताया कि उनकी पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर है। हिंगे की रिकवरी पर बहुत ध्यान दिया गया, लेकिन वे सात-आठ महीने बहुत मुश्किल थे।
प्रफुल्ल को एक सीजन छोड़ना पड़ा और उसके बाद वापस आए। अंडर-23 सीजन में उन्होंने 25 से ज्यादा विकेट लिए। उसके बाद, इमर्जिंग इंडिया कैंप का भी हिस्सा बने। जब प्रफुल्ल एमआरएफ एकेडमी गए, तो पता चला कि प्रतिवर्ष 2 खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया भेजा जाता है। प्रफुल्ल ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए काफी उत्सुक थे, इसलिए घरेलू सीजन में अच्छा प्रदर्शन किया, और अपने सपने को पूरा किया।
प्रफुल्ल ने बताया, "ऑस्ट्रेलिया में गेंदबाजी करना एक बहुत ही शानदार अनुभव था। मैं जोश हेजलवुड का बहुत बड़ा फैन हूं, इसलिए उनसे मिलना मेरे लिए बहुत खास था। मैं झाय रिचर्डसन से भी मिला। मैंने उनसे फिटनेस, सीजन के दौरान खुद को कैसे मैनेज करें, ट्रेनिंग रूटीन, डाइट और दूसरी चीजों के बारे में पूछा। यह मेरे लिए सीखने का एक बहुत बड़ा अनुभव था।"
विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान हार्दिक पांड्या के साथ मुकाबले को याद करते हुए प्रफुल्ल ने बताया, "जब मैं उन्हें गेंदबाजी कर रहा था, तो मैं काफी घबराया हुआ था, क्योंकि हर कोई जानता है कि हार्दिक भाई किस तरह के बल्लेबाज हैं और वह क्या कर सकते हैं, लेकिन पहली गेंद के बाद, मेरी घबराहट दूर हो गई, और मैंने खुद से कहा कि मैं बिना किसी बेवजह के दबाव के गेंदबाजी कर सकता हूं। मैं खुद को लगातार याद दिलाता रहा कि हर बार अपनी सबसे अच्छी गेंद डालनी है। यॉर्कर मेरी पसंदीदा गेंदें हैं। मैंने इनकी सबसे ज्यादा प्रैक्टिस की है। मैंने उन्हें अच्छी यॉर्कर गेंदें डालीं और बीच-बीच में कुछ बाउंसर भी डाले। एक रन लेने के बाद, वह मेरे पास आए और कहा, 'प्रफुल भाई, बहुत बढ़िया गेंदबाजी।' इससे मेरा आत्मविश्वास बहुत बढ़ गया। मैच के बाद, मैं उनसे फिर मिला और उन्होंने कहा, 'आप बहुत अच्छा कर रहे हो, बस ऐसे ही करते रहो। मैं आपसे आईपीएल में मिलूंगा।"
आईपीएल 2026 के ऑक्शन में एसआरएच की ओर से चुने जाने पर प्रफुल्ल ने कहा, "मुझे बहुत अच्छा लगा। जब ऑक्शन चल रहा था, तब मैं घर पर नहीं था। जैसे ही मैं घर पहुंचने वाला था, मेरा फोन और परिवार में बाकी सभी लोगों के फोन बजने लगे, तो मुझे एहसास हो गया कि मेरा चयन हो गया है। जब मैं घर पहुंचा, तो मैंने देखा कि मेरे सभी दोस्त और भाई-बहन वहां जमा थे। मेरे मम्मी-पापा भी बहुत खुश थे।"
प्रफुल्ल बताते हैं कि उन्होंने आईपीएल 2026 के लिए कोई खास तैयारी नहीं की है। वह जब भी कोई मैच देखता हैं, तो खुद से पूछते हैं कि 'अगर उस स्थिति में होता, तो क्या करते?
प्रफुल्ल बताते हैं कि भले ही वह वर्ल्ड कप का मैच हो और मैं विरोधी टीम के सबसे अच्छे बल्लेबाज को गेंदबाजी करने की कल्पना कर रहे हों, तो भी वह अपनी रणनीति के बारे में सोचते हैं। उनका पहला लक्ष्य निश्चित रूप से जीतना और ट्रॉफी उठाना है। दूसरा, अगर मुझे मौका मिलता है, तो वह अपनी टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा मैच जीतने की कोशिश करना और अपना शत प्रतिशत देना चाहते हैं। इसके अलावा, प्रफुल्ल आईपीएल में सबसे अच्छे कैच में से एक लेना चाहते हैं। 'बेस्ट फील्डर' का अवॉर्ड जीतने भी उनका लक्ष्य है।
--आईएएनएस
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