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कोर्ट के फैसले का सम्मान, लेकिन भाजपा को भी गांधी परिवार पर टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए: भाई जगताप

मुंबई, 8 सितंबर (आईएएनएस)। राहुल गांधी से जुड़े मामले में कोर्ट के आदेश पर कांग्रेस नेता और एमएलसी भाई जगताप ने कहा कि यह कोई झटका नहीं है और अगर कोर्ट को निचली अदालत का समन सही लगा है तो वे उसका पालन करेंगे। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि पीएम मोदी और भाजपा नेता जिस तरह पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी और गांधी परिवार पर टिप्पणी करते हैं, उस पर भी रोक लगनी चाहिए, क्योंकि संविधान किसी की भावना आहत करने की इजाजत नहीं देता।
 

मुंबई, 8 सितंबर (आईएएनएस)। राहुल गांधी से जुड़े मामले में कोर्ट के आदेश पर कांग्रेस नेता और एमएलसी भाई जगताप ने कहा कि यह कोई झटका नहीं है और अगर कोर्ट को निचली अदालत का समन सही लगा है तो वे उसका पालन करेंगे। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि पीएम मोदी और भाजपा नेता जिस तरह पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी और गांधी परिवार पर टिप्पणी करते हैं, उस पर भी रोक लगनी चाहिए, क्योंकि संविधान किसी की भावना आहत करने की इजाजत नहीं देता।

कांग्रेस नेता और एमएलसी भाई जगताप ने कहा, "वो झटका वगैरह ऐसा कुछ नहीं है। आजकल कोर्ट में जिस तरह के आदेश आ रहे हैं, चूंकि कोर्ट का मामला है, इसलिए मैं उसमें कोई टीका-टिप्पणी नहीं करना चाहता। अगर कोर्ट को ये महसूस हुआ कि ये निचले कोर्ट का समन देना, ये सही था, ठीक है, हम उसका पालन करेंगे। लेकिन इसके साथ-साथ पीएम मोदी खुद पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, और राहुल गांधी के परिवार और कांग्रेस के जितने नेता हैं, उन्हें लेकर जो वो अपने भाषणों में टीका-टिप्पणी करते हैं, तो उसके ऊपर भी कोई रोकन लगनी चाहिए। हमारे संविधान में ऐसा है कि आप किसी की भावनाओं को आहत नहीं कर सकते।"

उन्होंने आगे कहा कि इस मामले को कई मीडिया चैनलों ने भी दिखाया था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। फिर भी अगर हाईकोर्ट को ऐसा लगता है तो हम फैसले का सम्मान करेंगे। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि देश के प्रधानमंत्री, भाजपा नेता और मंत्री जिस तरह विपक्षी नेताओं खासकर गांधी परिवार और पंडित जवाहर लाल नेहरू को बदनाम करते हैं, उस पर भी रोक लगनी चाहिए।

राहुल गांधी के माफी मांगने के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश का संविधान ऐसा नहीं कहता और संविधान से ऊपर कोर्ट नहीं है। याचिका को लेकर पूछे गए सवाल पर कि भाजपा कार्यकर्ता ने राहुल गांधी से माफी की मांग की है, उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल जरूरी नहीं है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने पहले भी अपना बयान दिया था और अब भी हम यही कह रहे हैं कि अगर ऐसी बात है तो देश के प्रधानमंत्री को भी पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बारे में की गई टिप्पणियों पर बार-बार माफी मांगनी पड़ेगी। भाजपा नेताओं को तो हर रोज माफी मांगनी पड़ेगी। वैसे भी ये लोग गांधी परिवार को लेकर परेशान रहते हैं।

एक सवाल के जवाब में कि क्या त्योहारों पर हिंदू-मुस्लिम विवाद और दंगे की आशंका रहती है, उन्होंने कहा कि देश में आज मुख्य मुद्दे बेरोजगारी, शिक्षा, पेपर लीक, बच्चों का भविष्य और महंगाई हैं, लेकिन सरकार इन पर जवाब नहीं दे रही।

उन्होंने कहा कि सरकार 7.8 फीसदी जीडीपी का दावा कर रही है, लेकिन आम आदमी को इसका फायदा महसूस नहीं हो रहा। जीडीपी बढ़ने का मतलब है कि आम आदमी की जेब में पैसा आए। सरकार जो जीडीपी के आंकड़े पेश कर रही है, उस पर खुद उनके साथ काम कर चुके पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग और पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन सवाल उठा चुके हैं।

--आईएएनएस

केके/एमएस