नोएडा में डेढ़ करोड़ की चोरी का खुलासा; छह आरोपी गिरफ्तार, 1.48 करोड़ कैश बरामद
नोएडा, 18 अगस्त (आईएएनएस)। नोएडा के सेक्टर-25 स्थित गैराज से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की चोरी के मामले में नोएडा पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 करोड़ 48 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। बरामद रकम में 500-500 रुपये के नोटों की 296 गड्डियां शामिल हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की कार भी पुलिस ने बरामद की है। भारी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद पुलिस इस मामले में आयकर विभाग से भी पत्राचार करने की तैयारी कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, थाना सेक्टर-20 पुलिस ने 18 अगस्त 2026 को लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से चोरी की इस घटना का पर्दाफाश किया। छह आरोपियों को रजनीगंधा चौराहे से फिल्मसिटी की ओर जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा, अवनीश कुमार, जितेंद्र कुमार, सुमित कुमार, अनिल कुमार और नीशू चौहान के रूप में हुई है।
जांच में सामने आया है कि इस मामले का मुख्य आरोपी अवनीश कुमार अपने कुछ साथियों के साथ सीए फर्म के माध्यम से लोगों से निवेश के नाम पर रकम जुटाने का काम करता था। पुलिस के अनुसार, अवनीश पिछले करीब एक साल से टीपीएफ यानी ट्रेडिंग प्रॉफिट फंड में भी काम कर रहा था। आरोपियों द्वारा लोगों को निवेश के लिए तैयार कर उनसे बड़ी रकम ली गई थी। पुलिस के मुताबिक, जिस 1 करोड़ 48 लाख रुपये की रकम की चोरी हुई, वह शिकायतकर्ता से आशीष ने निवेशक उपलब्ध कराने के नाम पर ली थी।
अवनीश को अपना लगाया हुआ पैसा वापस नहीं मिल रहा था। इसी वजह से उसने रकम वापस हासिल करने के लिए चोरी की योजना बनाई। बताया गया है कि अवनीश ने अपने साथियों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर सेक्टर-25 स्थित आशीष के गैराज को निशाना बनाया। योजना के तहत गैराज से भारी मात्रा में नकदी चोरी कर ली गई। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और स्थानीय सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई और नकदी बरामद कर ली।
गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी अवनीश कुमार की उम्र 33 वर्ष है और वह बीएससी पास है। पुलिस के अनुसार वह पिछले एक वर्ष से टीपीएफ में काम कर रहा था। पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा की उम्र 28 वर्ष है और वह दिल्ली-एनसीआर तथा मथुरा में ओला-उबर टैक्सी चलाता था। जितेंद्र कुमार 24 वर्ष का है और शराब की दुकान पर सेल्समैन के रूप में काम करता है। वहीं 22 वर्षीय सुमित कुमार प्राइवेट नौकरी करता है। 22 वर्षीय अनिल कुमार भी शराब की दुकान पर सेल्समैन बताया गया है, जबकि 29 वर्षीय नीशू चौहान खेती का काम करता है।
पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि चोरी की रकम के पीछे निवेश से जुड़ा पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी पवन के खिलाफ मथुरा के राया और छाता थानों में आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, चोरी का माल रखने, अपहरण, मारपीट और अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ वर्ष 2015 से लेकर 2025 तक अलग-अलग मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। इसी तरह आरोपी अनिल के खिलाफ हाथरस जिले में एनडीपीएस एक्ट, आबकारी अधिनियम और अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। जितेंद्र के खिलाफ बुलंदशहर के अरनिया थाने में एनडीपीएस एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं।
पुलिस अब आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के साथ-साथ चोरी की रकम के स्रोत और उसके इस्तेमाल की भी जांच कर रही है। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की नकदी बरामद होने के बाद पुलिस की जांच अब केवल चोरी की घटना तक सीमित नहीं रहने वाली है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई थी, निवेश के नाम पर कितने लोगों से पैसा लिया गया था और इस रकम का वास्तविक स्रोत क्या था।
भारी मात्रा में कैश बरामद होने के कारण पुलिस आयकर विभाग से भी पत्राचार करेगी। पुलिस अब मामले में फरार बताए जा रहे अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। डीसीपी नोएडा साद मियां खान के मुताबिक, बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
--आईएएनएस
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