Aapka Rajasthan

कांग्रेस विधायकों ने पंजाब विधानसभा में किया प्रदर्शन, सरकार पर वादाखिलाफी का लगाया आरोप

चंडीगढ़, 6 अगस्त (आईएएनएस)। पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा की अगुवाई में विधानसभा परिसर मे विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने राज्य में पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से जुड़े मामलों में अब तक न्याय नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने और लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने की मांग की।
 

चंडीगढ़, 6 अगस्त (आईएएनएस)। पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा की अगुवाई में विधानसभा परिसर मे विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने राज्य में पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से जुड़े मामलों में अब तक न्याय नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने और लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने की मांग की।

विपक्ष का आरोप है कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने सत्ता में आने से पहले जिन वादों के आधार पर जनता से समर्थन मांगा था, उन्हें साढ़े चार साल बाद भी पूरा नहीं किया गया।

विरोध प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों में आज तक किसी भी पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिला है। इतने लंबे समय के बाद भी सरकार इन मामलों को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने में विफल रही है। पंजाब के लोगों की सरकार से उम्मीदें खत्म होती जा रही हैं और यह बेहद दुखद है कि साढ़े चार साल बीतने के बावजूद एक भी मामला निर्णायक स्थिति तक नहीं पहुंच पाया।

बाजवा ने विधानसभा में सरकार को घेरते हुए कहा कि चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तत्कालीन आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह को पार्टी का प्रमुख चेहरा बनाया था।

उन्होंने दावा किया था कि बरगारी बेअदबी, बेहबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड जैसे मामलों में न्याय दिलाने के लिए केवल 24 घंटे पर्याप्त होंगे। आज स्थिति यह है कि न केवल न्याय नहीं मिला, बल्कि इन मामलों से जुड़े कई मुकदमों को पंजाब से बाहर अन्य राज्यों की अदालतों में स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज इसी गंभीर मुद्दे को सदन में प्रमुखता से उठाएगी।

कांग्रेस विधायक सुखविंदर सिंह कोटली ने भी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब की जनता से बेअदबी और उससे जुड़े गोलीकांड के मामलों में न्याय दिलाने का भरोसा दिया था, लेकिन कांग्रेस की लगातार मांगों के बावजूद इन मुद्दों पर विधानसभा में कभी गंभीर चर्चा नहीं कराई गई। सरकार को इस विषय पर सदन में विस्तृत चर्चा कर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

इस बीच कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि गैर-सरकारी कामकाज के दिन वह शिक्षा के केंद्रीकरण के खिलाफ एक प्रस्ताव भी सदन में पेश करेंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल पंजाब का नहीं, बल्कि पूरे देश के राज्यों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। केंद्र सरकार शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों का केंद्रीकरण कर रही है और भाजपा हर व्यवस्था का भगवाकरण करने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने सभी दलों के विधायकों से इस प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि राज्यों के अधिकारों और संघीय ढांचे की रक्षा के लिए सर्वसम्मति आवश्यक है।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी